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गोवा: तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न के सभी मामलों से बरी, अदालत ने सुनाया फैसला

Fri, 21 May 2021 11:48 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी Published by: प्रियंका तिवारी Updated Fri, 21 May 2021 11:48 AM IST
सार

तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सभी यौन उत्पीड़न के आरोपों से कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है।
 

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Former Editor in Chief of Tehelka Magazine Tarun Tejpal acquitted of all charges in the alleged sexual assault case against him
तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल - फोटो : ANI

विस्तार

गोवा से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को उनके खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने आज यानी शुक्रवार (21 मई) को अपना फैसला सुनाया। पूर्व प्रधान संपादक पर साल 2013 में महिला साथी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे थे। उनके खिलाफ उनकी महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। महिला के आरोपों के अनुसार, गोवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पांच सितारा होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने उनका उत्पीड़न किया था। इसके बाद 30 नवंबर 2013 को तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, उन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

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सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर आने पर तेजपाल ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, 'यह मेरे परिवार के लिए एक लंबा दुखद सपने जैसा रहा। अब जकर मुझे राहत मिली है कि केस आखिरकार खत्म हो गया। मैं न्याय मिलने के लिए बहुत आभारी हूं क्योंकि यह हमेशा इस देश में नहीं दिया जाता है।'
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फैसले की तिथि की बार टली
अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत की न्यायाधीश क्षमा जोशी ने आठ मार्च को तेजपाल मामले में अंतिम दलीलें सुनी। इम मामले में अतिरिक्त जिला अदालत 19 मई को फैसला सुनाने वाली थीं, लेकिन न्यायाधीश क्षमा जोशी ने फैसला आज 21 मई के दिन सुनाने के लिए कहा था। अदालत ने इससे पहले भी कई बार फैसले की तिथि को टाल दिया था। कोर्ट ने पूर्व में कहा था कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते स्टाफ की कमी के कारण स्थगन किया गया था। 


इन धाराओं के तहत चला मुकदमा
पुलिस ने नवंबर 2013 में तेजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। तेजपाल मई 2014 से जमानत पर बाहर हैं। गोवा अपराध शाखा ने तेजपाल के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था। उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 342 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गलत मंशा से कैद करना), 354 (गरिमा भंग करने की मंशा से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना), 354-ए (यौन उत्पीड़न), 376 (2) (महिला पर अधिकार की स्थिति रखने वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार) और 376 (2) (के) (नियंत्रण कर सकने की स्थिति वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार) के तहत मुकदमा चला। वहीं, तेजपाल ने इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख कर अपने ऊपर आरोप तय किए जाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

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