किसान नेता राकेश टिकैत के खिलाफ UAPA और देशद्रोह की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग, शिकायत दर्ज
दिल्ली पुलिस के पूर्व एसीपी वेद भूषण ने आरोप लगाया है कि किसान नेता राकेश टिकैत ने हाल ही में एक वीडियो में अपने समर्थकों को उकसाते हुए युद्ध के लिए तैयार रहने जैसी बातें कही हैं, जो हिंसा के लिए उकसाने का काम कर सकती हैं...
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत एक नई मुश्किल में फंस सकते हैं। उन पर यूएपीए (UAPA) और देशद्रोह की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की गई है। दिल्ली पुलिस के एक पूर्व एसीपी ने उनके खिलाफ आईपी स्टेट थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि राकेश टिकैत के कुछ बयान बेहद आपत्तिजनक हैं और इससे अशांति फैल सकती है। पुलिस अधिकारी ने दिल्ली पुलिस से टिकैत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने की मांग की है।
दिल्ली पुलिस के पूर्व एसीपी वेद भूषण ने आरोप लगाया है कि किसान नेता राकेश टिकैत ने हाल ही में एक वीडियो में अपने समर्थकों को उकसाते हुए युद्ध के लिए तैयार रहने जैसी बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें कुछ लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का काम कर सकती हैं जिससे हिंसा भड़क सकती है।
पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि 26 जनवरी को लालकिला पर जिस तरह की हिंसा हुई थी, उसके पहले भी कुछ लोगों द्वारा इसी तरह के वीडियो जारी किए गए थे। इससे कुछ लोग आक्रोशित हो गए और इसके कारण लालकिला पर कलंकित घटना घटी। उन्होंने कहा कि आगे इस तरह की कोई घटना न हो, इसके लिए आवश्यक है कि किसी को भी भड़काऊ भाषण देने से रोका जाए।
भारतीय किसान यूनियन ने कहा
टिकैत पर शिकायत दर्ज होने की बात पर टिप्पणी करते हुए भाकियू नेता धर्मेंद्र मलिक ने अमर उजाला से कहा कि यह हमारी आम बोलचाल की भाषा है, जिसे कुछ लोग गलत समझ लेते हैं। लेकिन वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन गांधीवादी तरीके से पिछले आठ महीनों से अपना विरोध प्रदर्शन जारी किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के मांगें न मानने तक आगे भी यह प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन उनके लिए जंग और युद्ध के जैसा ही है और इन शब्दों को लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
राकेश टिकैत के विरुद्ध यह शिकायत ऐसे समय में दर्ज कराई गई है जब किसान 22 जुलाई से संसद का घेराव कर कृषि कानूनों पर अपनी मांगें मनवाने की कोशिश करने की योजना बना रहे हैं। किसानों की योजना है कि सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर से प्रतिदिन 200-200 किसान संसद भवन जाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे और सरकार से विवादित कानून वापस लेने की मांग करेंगे। किसानों की संसद जाने की मांग पर दिल्ली पुलिस और किसानों में कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक यह असफल ही रही है।