चीफ सेक्रेटरी केस: केंद्र दिखाए अलपन बंदोपाध्याय को ‘गृह सचिव’ बनाने का दम, अन्यथा 'सहकारी संघवाद' को न पहुंचाए चोट

जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 31 May 2021 04:44 PM IST

सार

दिल्ली सरकार में मुख्य सचिव रहे आईएएस अधिकारी पीके त्रिपाठी कहते हैं, केंद्र सरकार गलत दिशा में जा रही है। चीफ सेक्रेटरी होने के अलावा वह राज्य के कैडर का अधिकारी भी है। हालांकि वह अखिल भारतीय सेवा के नियमों के तहत नौकरी करता है। अलपन बंदोपाध्याय के मामले में सभी जानते हैं कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उनके जरिए निशाना तो ममता बनर्जी पर साधा गया है...
पीएम मोदी, अलपन बंद्योपाध्याय और ममता बनर्जी
पीएम मोदी, अलपन बंद्योपाध्याय और ममता बनर्जी - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जारी विवाद में 'सहकारी संघवाद' लहूलुहान हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय सेवाओं का तानाबाना बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ये किसी भी तरह से देशहित में नहीं है। अगर केंद्र को लगता है कि उन्हें बंगाल के मुख्य सचिव की इतनी ही जरूरत है तो वह तुरंत यह घोषणा कर दे कि हम बंदोपाध्याय को देश का नया गृह सचिव लगाने जा रहे हैं। वे तुरंत ज्वाइन कर लेंगे।
विज्ञापन


दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव रहे प्रवीण कुमार त्रिपाठी यहीं पर नहीं ठहरे, उन्होंने कहा, अलपन बंदोपाध्याय के मामले में केंद्र ने बहुत गलत किया है। यह बचकाना हरकत की पराकाष्ठा है। अगर निचले स्तर तक गिरना है तो महालेखाकार से कह कर चीफ सेक्रेटरी के वेतन पर रोक लगवा दें। देर-सवेर अब यही होगा कि अलपन बंदोपाध्याय त्यागपत्र दे देंगे। उसके बाद ममता बनर्जी उन्हें अपना प्रिंसिपल सेक्रेटरी बना लेंगी। ऐसी स्थिति में केंद्र के पास सिवाय देखते रहने के कोई दूसरा चारा नहीं बचेगा। केंद्र को ऐसी सलाह कौन दे रहा है, पता नहीं।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00