टीआरपी घोटाला: मुंबई पुलिस ने BARC के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी को किया गिरफ्तार
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मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने कथित टीआरपी घोटाले (TRP Rigging Scam) में गुरुवार को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि टीआरपी मामले की जांच कर रही मुंबई अपराध शाखा की टीम ने बार्क के पूर्व सीओओ रोमिल रामगढ़िया की गिरफ्तारी हुई है। इस मामले में यह 14वीं गिरफ्तारी है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, 'जांच के दौरान, मामले में रागगढ़िया की कथित संलिप्तता का पता चला, जिसके बाद उन्हें आज गिरफ्तार कर लिया गया।' उन्होंने बताया कि रामगढ़िया को एक स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
बता दें कि पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ विकास खानचंदानी को टीआरपी घोटाले के सिलसिले में रविवार को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि एक अदालत ने बुधवार को उनकी जमानत मंजूर कर ली।
Former chief operating officer of Broadcast Audience Research Council (BARC) arrested today in TRP scam: Mumbai Police
— ANI (@ANI) December 17, 2020
गौरतलब है कि बार्क द्वारा हंसा रिसर्च एजेंसी के माध्यम से कुछ चैनलों के खिलाफ टीआरपी में धांधली करने की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने इस कथित घोटाले की जांच शुरू की थी।
कुछ घरों में मशीनों के जरिए दर्शकों की संख्या का पता लगाकर टीआरपी मापी जाती है। यह रेटिंग विज्ञापन आकर्षित करने के लिए अहम होती है। बार्क ने कुछ घरों में टीवी के दर्शकों की संख्या रिकॉर्ड करने वाले बैरोमीटर लगाने और उनकी देख-रेख करने का जिम्मा हंसा को दिया था।
आरोप है कि जिन कुछ घरों में बैरोमीटर लगाए गए थे, उनमें से कुछ परिवारों को रिश्वत देकर टीवी पर कुछ विशेष चैनल चलाने के लिए कहा गया, ताकि उनकी टीआरपी बढ़ सके। रिपब्लिक टीवी ने कुछ भी गलत करने की बात से इनकार किया है।