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भारत के फैसले पर बोले पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम- मुक्त व्यापार सही, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में नहीं
Mon, 18 Nov 2019 09:00 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Mon, 18 Nov 2019 09:00 PM IST
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Tony Abott
- फोटो : ANI
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री और लिबरल पार्टी के नेता टोनी एबॉट ने कहा कि भारत अपने मूल्यों और रुचि के अनुसार कार्य करने का हकदार है। सोमवार को नई दिल्ली में क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) समझौते से बाहर निकलने के फैसले पर उन्होंने यह बात कही।
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एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के इस कदम की वह आलोचना नहीं कर रहे हैं। उनका भी यही मानना है कि विपरीत परिस्थितियों में मुक्त व्यापार किसी भी देश के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता।
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मैं निश्चित रूप से भारत के इस फैसले की आलोचना नहीं कर रहा, क्योंकि मुझे लगता है कि भारत भी अन्य देशों की तरह, अपने मूल्यों और रुचि के अनुसार कार्य करने का हकदार है। उन्होंने कहा कि मैं निश्चित रूप से मुक्त व्यापार का समर्थन करता हूं, लेकिन मुक्त व्यापार अनुकूल परिस्थितियों में होना चाहिए, न कि विपरीत परिस्थितियों में।
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उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की काफी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन अगले साल फरवरी में ऑस्ट्रेलिया-भारत मुक्त व्यापार शुरू करेंगे।
मालूम हो कि पिछले दिनों भारत ने आसियान देशों के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते आरसीईपी यानी क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि आरसीईपी में शामिल होने को लेकर उसकी कुछ मुद्दों पर चिंताएं थीं, जिन्हें लेकर स्पष्टता न होने के कारण देश हित में यह कदम उठाया गया है। पीएम मोदी ने इसे 'अपने अंतर्मन की आवाज' पर लिया गया फैसला बताया था।