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Hindi News ›   India News ›   former Air Force officers trapped in the Land Scam real estate business scandals Update 

Scam: एनसीआर में मत देखिए फार्म हाउस का सपना, बड़े धोखे हैं इस राह में, वायुसेना के पूर्व अफसर भी फंसे झांसे में

Sun, 09 Jan 2022 04:00 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 09 Jan 2022 04:00 PM IST
सार

सूत्र का कहना है कि व्हाइट कॉलर क्राइम बढ़ रहा है। इसके चलते मुकदमेबाजी और जमीन जायदाद विवाद के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।

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former Air Force officers trapped in the Land Scam real estate business scandals Update 
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

दिल्ली में कालिंदी कुंज से यमुना की धारा बहती है। यमुना के ग्रीन बेल्ट में तमाम रियल स्टेट कंपनियों ने लोगों को फार्म हाउस का सपना दिखाया है। मजे की बात यह है कि इनके झांसे में बड़े-बड़े सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी भी फंसकर धोखा खा जा रहे हैं। फार्म हाउस के नाम पर रियल स्टेट के कारोबार से जुड़ी कंपनियां किसी की जमीन किसी को बिना औपचारिकताएं पूरी किए ही रजिस्ट्री तक करवा दे रही हैं। कुछ को कब्जे भी दिलवा देती हैं, लेकिन सारा मामला कानूनी दांव-पेंच में उलझने के लिए मजबूर हो जाता है।

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ताजा मामला वायुसेना के पूर्व एयर वाइस मार्शल नरेंद्र बहादुर सिंह का है। एयरवाइस मार्शल ने फार्म हाउस में समय बिताने और रिटायरमेंट की जिंदगी को सुकून से गुजारने के लिए फ्लोरा फार्म्स के ब्रोकरों के झांसे में उलझ गए हैं। फ्लोरा फार्म्स के मालिक कमल दत्ता और करन दत्ता ने पूर्व वायुसेना अधिकारी को किसी और की जमीन बेचकर इसकी रजिस्ट्री करा दी। रजिस्ट्री कुछ समय बाद जब पूर्व वायुसेना अधिकारी ने बाउंड्री वॉल आदि का निर्माण कराना चाहा तो उन्हें पूरे मामले का पता चला। 
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आरके सिंघल नाम के व्यक्ति ने इस दो बीघा जमीन पर खुद का मालिकाना हक जताया है। सिंघल का कहना है कि उन्होंने यह जमीन किसी को नहीं बेची है और इस पर पिछले दस साल से अधिक समय से उनका मालिकाना हक है। अपनी जमीन को अवैध तरीके से बेचे जाने को लेकर सिंघल ने गौतमबुद्ध नगर के संयुक्त पुलिस कमिश्नर का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने थाने में इसके खिलाफ तहरीर दी है।
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क्या कहते हैं फ्लोरा फार्म्स के डेवलपर
फ्लोरा फार्म्स के डेवलपर और मालिक कमल दत्ता का कहना है कि कहीं भी कोई गड़बड़ नहीं हुई है। यह लेखपाल, पटवारी और डिमार्केशन को लेकर हुई गड़बड़ी का मामला है। सिंघल का दावा गलत है। कमल दत्ता का कहना है कि उपरोक्त दो बीघा जमीन वायुसेना के पूर्व अधिकारी एनबी सिंह की ही है। दत्ता ने कहा कि अगले दो-तीन दिन में वह स्थिति को स्पष्ट करके वायुसेना के अधिकारी को उनका कब्जा दिलवा देंगे। कमल दत्ता ने यह भरोसा 14 दिसंबर 2021 को दिया था। 

मामला अभी भी ढाक के तीन पात जैसा
अमर उजाला को भी 14 दिसंबर को ही उन्होंने बताया था कि 20 दिसंबर तक सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन पूरा मामला अभी भी ढाक के तीन पात जैसा है। वायुसेना के पूर्व अधिकारी एनबी सिंह का कहना है कि कमल दत्ता केवल समय को आगे बढ़ाकर टाल मटोल कर रहे हैं। इस बारे में आरके सिंघल ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं हैं। फ्लोरा फार्म्स ने पहले भी उनकी दो बीघा जमीन को किसी दूसरे को बेचकर उस पर कब्जा करा रखा है। सिंघल कहते हैं कि पटवारी, रजिस्ट्री आफिस से मिली भगत करके जमीनों की लूट और धांधली का यह धंधा चल रहा है। इसका खामियाजा जमीन के मुख्य मालिक और खरीदार को भुगतना पड़ता है।  


मुकदमेबाजी और जमीनी विवाद के बढ़ रहे हैं मामले
रीयल स्टेट कारोबार से जुड़े राकेश यादव कहते हैं कि डूब क्षेत्र की जमीनों को लेकर तरह-तरह की धांधली चल रही है। इसमें लेखपाल, पटवारी सबकी मिली भगत से लोग रीयल स्टेट कारोबार को खराब कर रहे हैं। ग्राहकों को लूट रहे हैं। सूरजपुर जिलाधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी का कहना है कि जो भी मामले संज्ञान में आते हैं, उनका न्याय संगत निबटारा किया जाता है। हालांकि, सूत्र का कहना है कि व्हाइट कॉलर क्राइम बढ़ रहा है। इसके चलते मुकदमेबाजी और जमीन जायदाद विवाद के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।

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