National Recruitment Agency: क्या होंगी राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की खासियतें, कैसे बदलेगी भर्ती प्रक्रिया
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर बुधवार को बड़ा फैसला किया और राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) का गठन करने का एलान किया।। यह बहु एजेंसी निकाय के रूप में समूह 'ख' और 'ग' (गैर-तकनीकी) पदों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करने के लिए सामान्य योग्यता परीक्षा (सीईटी) आयोजित करेगी।
सरकारी बयान के अनुसार, एनआरए एक बहु-एजेंसी निकाय होगा जिसके शासी निकाय में रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय/वित्तीय सेवा विभाग, कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) तथा बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। एक विशेषज्ञ निकाय के रूप में एनआरए केंद्र सरकार की भर्ती के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का पालन करेगी।
मौजूदा भर्ती व्यवस्था
वर्तमान में, सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को पात्रता की समान शर्तों वाले विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग भर्ती एजेंसियों द्वारा संचालित की जाने वाली भिन्न-भिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होना पड़ता है। उम्मीदवारों को भिन्न-भिन्न भर्ती एजेंसियों को शुल्क का भुगतान करना पड़ता है और इन परीक्षाओं में भाग लेने के लिए लंबी दूरियां तय करनी पड़ती है। इन अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं से उम्मीदवारों के साथ-साथ संबंधित भर्ती एजेंसियों पर भी बोझ पड़ता है। इसमें बार-बार होने वाले खर्च, कानून और व्यवस्था/सुरक्षा संबंधी मुद्दे और परीक्षा केंद्रों संबंधी समस्याएं शामिल हैं। औसतन, इन परीक्षाओं में अलग से ढाई से तीन करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं।
एनआरए (NRA) क्या है?
साझी पात्रता परीक्षा (सीईटी) उम्मीदवार एक सामान्य योग्यता परीक्षा में केवल एक बार शामिल होंगे तथा उच्च स्तर की परीक्षा के लिए किसी या इन सभी भर्ती एजेंसियों में आवेदन कर पाएंगे। बयान के अनुसार, एनआरए के तहत एक परीक्षा में शामिल होने से उम्मीदवारों को कई पदों के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
एनआरए (NRA) और सीईटी (CET) की मुख्य विशेषताएं:
- एनआरए वर्ष में दो बार ऑनलाइन माध्यम से सीईटी आयोजित करेगा।
- अभ्यर्थियों का पंजीकरण, रोल नंबर, एडमिट कार्ड, अंक पत्र, मेधा सूची आदि सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित होंगी।
- सीईटी अनेक भाषाओं में उपलब्ध होगी। यह देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को परीक्षा में बैठने और चयनित होने के समान अवसर प्राप्त करना सुविधाजनक बनाएगी।
- सीईटी बहु विकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा होगी और इसका स्कोरकार्ड तीन वर्षों तक मान्य होगा।
- इसके लिए देश के प्रत्येक जिले में एक परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा जिसमें 117 आकांक्षी जिले शामिल हैं। प्रारंभिक योजना देशभर में 1000 परीक्षा केंद्र स्थापित करने की है।
- इससे गरीब पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को राहत मिलेगी। वर्तमान में, उम्मीदवारों को बहु-एजेंसियों द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेना होता है। परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त उम्मीदवारों को यात्रा, रहने-ठहरने और अन्य पर अतिरिक्त व्यय करना पड़ता है। सीईटी जैसी एकल परीक्षा से काफी हद तक उम्मीदवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
- इससे महिला अभ्यर्थियों को भी काफी राहत मिलेगी क्योंकि कभी-कभी उन्हें इन दूरस्थ स्थानों पर स्थित इन केंद्रों तक पहुंचने के लिए उपयुक्त व्यक्ति को ढूंढना पड़ता है। प्रत्येक जिले में परीक्षा केंद्रों की अवस्थिति से सामान्य तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों और विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों को अधिक लाभ होगा।
- सीईटी में भाग लेने के लिए अवसरों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी। सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अति पिछड़ा वर्ग और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु-सीमा में छूट दी जाएगी।
- आने वाले समय में इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रदान सीईटी स्कोर को केंद्र सरकार, राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, निजी क्षेत्र की अन्य भर्ती एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है।
- एनआरए द्वारा गैर-तकनीकी पदों के लिए स्नातक, उच्च माध्यमिक (12वीं) और मैट्रिक (10वीं) पास उम्मीदवारों के लिए अलग से सीईटी का संचालन किया जाएगा।इसके लिए वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) द्वारा भर्ती की जाती है।
- एनआरए के लिए 1517.57 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। व्यय तीन वर्षों की अवधि में किया जाएगा। एनआरए की स्थापना के अलावा, 117 आकांक्षी जिलों में परीक्षा आधारभूत ढांचा स्थापित करने के लिए भी राशि खर्च होगी।