Theater Commands: सेना के थिएटर कमांड के गठन की चर्चा फिर शुरू, सीडीएस बिपिन रावत के निधन से लगा था आघात, पढ़ें पूरा मामला
थिएटर कमांड्स के गठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सेना में इसे लेकर मतभेद दूर नहीं हो पा रहे हैं। भारतीय वायु सेना (IAF) को इस मॉडल के बारे में चिंता है। सेना की थिएटर कमांड से दुश्मन पर अचूक वार करने में मदद मिलती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमाम रक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना की तीनों इकाइयों को मिलाकर थिएटर कमांड्स के गठन के बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के गत दिसंबर में एक हेलिकॉप्टर हादसे में निधन से सेना के इस मॉडल की कोशिशों को आघात लगा था। अब एक बार फिर इस पर बहस शुरू हो गई है।
थिएटर कमांड्स के गठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सेना में इसे लेकर मतभेद दूर नहीं हो पा रहे हैं। भारतीय वायु सेना (IAF) को इस मॉडल के बारे में चिंता है। उससे संकेत मिलता है कि मतभेद अभी कायम हैं। कहा जा रहा है कि वायुसेना को थिएटर कमांड के मौजूदा मॉडल पर आपत्ति है। एकीकृत कमान या थिएटर कमान के गठन पर आम सहमति की कमी से भविष्य की जंग के लिए संसाधनों का श्रेष्ठ उपयोग सुनिश्चित करने और आवश्यक सैन्य सुधार में और देरी हो सकती है।
दरअसल, देश में अभी 17 रक्षा कमान हैं। इन्हें मिलाकर चार थिएटर कमांड बनाए जा सकते हैं। इनके गठन से सेना के समग्र संसाधनों का श्रेष्ठ व एक साथ उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
पिछले सप्ताह फिर शुरू हुई चर्चा
थिएटर कमांड के गठन को लेकर पिछले सप्ताह चर्चा फिर शुरू हो गई है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए सशस्त्र बलों की सभी इकाइयों के बीच निकट समन्वय का समर्थन किया है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एक अलग वायु रक्षा कमान का गठन विपरीत असर डाल सकता है।
चार नई एकीकृत कमान का प्रस्ताव
विचाराधीन मॉडल में सैन्य अभियान में एकरूपता या तालमेल के लिए चार नई एकीकृत कमान बनाने का प्रस्ताव है। इनमें से दो थल सेना केंद्रित होंगी तो एक वायुसेना की और एक नौसेना की। वायु सेना की एकीकृत कमान सहित अन्य थिएटर कमांड के बारे में वायु सेना की चिंता नई नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वायुसेना प्रमुख चौधरी के पूर्ववर्ती प्रमुखों ने भी अलग-अलग समय पर इस मसले को उठाया है।
थिएटर कमांड के लाभ
सेना की थिएटर कमांड से दुश्मन पर अचूक वार करने में मदद मिलती है। थिएटर कमांड्स का सबसे सही उपयोग युद्ध के दौरान तब होता है जब बात तीनों सेनाओं के बीच समन्वय जरूरत होती है। तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए ये कमांड बेहद उपयोगी होता है। यहां से बनी रणनीतियों के अनुसार दुश्मन पर अचूक वार करना आसान हो जाता है। यही कारण है कि सेना, वायुसेना और नौसेना को एकसाथ लाकर इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने की बात हो रही है।