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मुंबई की झुग्गियां इसलिए पसंद आ रही हैं विदेशियों को, ठहरने के लिए दे रहे इतना किराया

Sat, 06 Oct 2018 11:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Sat, 06 Oct 2018 11:15 AM IST
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Foreigners like to stay in slum hotels of Mumbai

मुंबई शहर में एक ओर जहां बड़े-बड़े बंगले हैं वहीं दूसरी ओर बड़ी मात्रा में झुग्गी झोपड़ियां भी हैं। जहां लोग बड़े ही मुश्किल हालातों में जिंदगी जी रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये झुग्गियां अब विदेशियों को खूब भा रही हैं। यहां ठहरने के बदले वह बड़ी कीमत भी दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि विदेशी लोग एक रात का किराया 2280 रुपये तक दे रहे हैं।

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सुख सुविधाओं से बोर हो चुके लोग यहां आ रहे हैं। स्लम होटल का ये कॉन्सेप्ट नीदरलैंड के डेविड बिजल का है। वह एनजीओ में काम करते हैं। स्लमडॉग मिलेनियर की तरह और भी कई विदेशी फिल्मों में भारत को गरीब, झुग्गी झोपड़ी वाला देश बताया जाता है। ऐसे में विदेशी इन झुग्गियों का मजा लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
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फिलहाल स्लम होटल शहर के खार में स्थित है। जिसकी शुरुआत करीब एक साल पहले स्लम में ही रहने वाले रवि संसी ने की थी। उन्होंने अपने घर का एसी और टीवी से लैस एक हिस्सा कमरे में तब्दील कर लिया और फेसबुक पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की।
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सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना

Foreigners like to stay in slum hotels of Mumbai

तस्वीरों में दिख रहा है कि कमरे की दीवारों पर उधड़ा हुआ पेंट है। साथ ही कम्यूनल बाथरूम भी है। संसी को ये आईडिया डेविड ने दिया था। दोनों का संपर्क इंटरनेट के जरिए हुआ। डेविड का कहना है कि इस आईडिया से किसी गरीब की आय बढ़ेगी। साथ ही दो तरह के लोग (विदेशी और झुग्गीवासी) जो कभी नहीं मिले हैं, वह मिल पाएंगे। उन लोगों को एक दूसरे को जानने का मौका भी मिलेगा।

इस पहल से जहां कुछ लोग खुश हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस कॉन्सेप्ट से दुनिया में भारत की गलत छवि प्रस्तुत की जा रही है। असल में भारत इससे बेहद अलग है। माना कि भारत में झुग्गी झोपड़ियां हैं लेकिन पूरा भारत ऐसा नहीं है। भारत की असली तस्वीर इससे काफी अलग है।

इस पहल की सोशल मीडिया पर भी खूब आलोचना की जा रही है। लोगों का कहना है कि किसी देश की गरीबी न तो कोई सांस्कृतिक धरोहर है और न ही ऐसी चीज जिसपर गर्व महसूस किया जा सके। जो लोग यहां आकर ठहरेंगे वो तो अपने देश जाकर यहीं कहेंगे कि उन्होंने भारत में झुग्गी झोपड़ी देखी हैं।
 



 

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