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विदेश सचिव श्रृंगला बोले: यूएनएससी में सुधार बहुत जरूरी, वैश्विक शांति बनाए रखने में अभी इसकी भूमिका सीमित है
Mon, 18 Apr 2022 11:10 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 18 Apr 2022 11:10 PM IST
सार
हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि यूएनएससी अपने दायित्वों को पूरा करने में असफल रही है। जब तक इसमें उचित सुधार नहीं किए जाएंगे इसकी भूमिका सीमित ही बनी रहेगी।
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विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधारों की मांग की। उन्होंने दावा किया कि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा को बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने में असफल रही है। श्रृंगला भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
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श्रृंगला ने यह भी कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनाई गई सुरक्षा परिषद ने सीमित प्रतिनिधित्व के कारण हमेशा वैश्विक स्तर पर एक प्रतिबंधित भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, 'यूएनएससी अपने दायित्वों को पूरा करने में असफल रही है। जब तक इसमें उचित सुधार नहीं किए जाएंगे इसकी भूमिका सीमित ही बनी रहेगी।'
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उन्होंने कहा कि यूएनएससी में गतिरोध यूक्रेन-रूस संघर्ष के संदर्भ में सामने आया है। इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ले जाना पड़ा। श्रृंगला ने कहा कि पश्चिमी देशों की ओर से रूस पर लगाए गए एकतरफा प्रतिबंध भारतीय कारोबार और देश में निवेश को प्रभावित करेंगे। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर और बात नहीं की।
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यूएनएससी के 10 गैर स्थायी सदस्यों में शामिल है भारत
वर्तमान में यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्य हैं। ये देश चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और अमेरिका हैं। भारत इसके 10 गैर स्थायी सदस्यों में शामिल है। केवल एक स्थायी सदस्य के पास किसी भी मूल प्रस्ताव को वीटो करने की शक्ति होती है।
यूएनएससी में सुधारों के लिए वर्षों से चल रहे प्रयासों में भारत अग्रिम मोर्चे पर रहा है। भारत का कहना है कि हम सही तौर पर इसका स्थायी सदस्य बनने के अधिकारी हैं।
श्रीलंका संकट पर बोले- कोरोना ने बुरी तरह प्रभावित किया
वहीं, श्रीलंका में चल रहे आर्थिक संकट को लेकर श्रृंगला ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने इस द्वीपीय देश के पर्यटन क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। श्रीलंका के राजस्व का पर्यटन मुख्य स्रोत रहा है। भारत ने श्रीलंका को दो लाइन ऑफ क्रेडिट की मदद दी है और उसने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से भी सहायता मांगी है।
भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार पर यह बोले विदेश सचिव
कोरोना प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था के फिर से उबरने पर श्रृंगला ने कहा कि देश को 2020-21 के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के रूप में 81 अरब डॉलर प्राप्त हुए थे। इस वित्त वर्ष में जीडीपी के आठ फीसदी पर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। हम अपने पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ा रहे हैं।