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यूक्रेन संकट: विदेश सचिव बोले- 12 हजार छात्र यूक्रेन से निकले, अगले तीन दिनों में होगा 26 उड़ानों का संचालन
Tue, 01 Mar 2022 10:32 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 01 Mar 2022 10:32 PM IST
सार
यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा संघर्ष अब बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। यूक्रेन के खारकीव में रूस की गोलाबारी में आज एक भारतीय छात्र की मौत भी हो गई। इस बीच वहां फंसे भारतीयों को निकालने की प्रक्रिया जारी है।
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विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
यूक्रेन संकट को लेकर आज हुई प्रधानमंत्री मोदी की बैठक के बारे में विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिन में भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए 26 उड़ानें निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के अलावा पोलैंड और स्लोवाक गणराज्य में एयरपोर्ट का उपयोग भी निकासी उड़ानों के संचालन के लिए किया जाएगा।
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विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि आज दोपहर मैंने रूस और यूक्रेन के राजदूतों से अलग-अलग बात की। दोनों नेताओं से मैंने यूक्रेन के खारकीव और अन्य इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और तत्काल निकासी की मांग दोहराई।
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श्रृंगला ने कहा कि हमारे अनुमान के अनुसार जब हमने पहली एडवायजरी जारी की थी तब यूक्रेन में 20 हजार भारतीय छात्र थे। इनमें से लगभग 12 हजार छात्र यूक्रेन छोड़ चुके हैं। बाकी बचे आठ हजार छात्रों में से करीब आधे खारकीव और सूमी में हैं और बाकी आधे या तो यूक्रेन की पश्चिमी सीमाओं तक पहुंच चुके हैं या इस ओर आगे बढ़ रहे हैं।
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विदेश सचिव ने कहा कि हमने कीव में फंसे अपने नागरिकों को सलाह दी थी कि वह पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ें और जब भी संभव हो वहां से यूक्रेन से बाहर निकलें। वह हंगरी, स्लोवाकिया, रोमानिया, पोलैंड और मोलडोवा की ओर जा सकते हैं। इन मार्गों से 7700 भारतीय निकल चुके हैं, 2000 वापस लौटे हैं और चार से पांच हजार विमान का इंतजार कर रहे हैं।
'सभी भारतीय नागरिकों ने कीव छोड़ा'
विदेश सचिव श्रृंगला ने कहा कि हमारे सभी नागरिकों ने कीव छोड़ दिया है, हमारे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक कीव में हमारे और नागरिक नहीं हैं, वहां से हमें किसी ने संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हम जल्दी से जल्दी अपने नागरिकों को संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकालेंगे और नवीन शेखरप्पा का शव वापस लाएंगे, हम इसे लेकर स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा कि शेखरप्पा के शव को विश्वविद्यालय के मुर्दाघर में ले जाया गया है। आज मैंने उसके माता-पिता से बात की थी। हम न केवल संघर्ष के क्षेत्रों से अपने नागरिकों को जल्द से जल्द निकालने का प्रयास करेंगे बल्कि नवीन का शव भी लाएंगे।
यूक्रेन को भारत ने भेजी मानवीय मदद
विदेश सचिव श्रृंगला ने कहा कि मानवीय मदद की पहली खेप लेकर एक विमान ने आज सुबह यूक्रेन के लिए पोलैंड के जरिए उड़ान भरी थी। इस खेप में दवाएं, चिकित्सकीय उपकरण और अन्य राहत सामग्रियां हैं। दूसरी खेप लेकर एक दूसरा विमान कल उड़ान भरगा। उधर, विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि टेंट, कंबल, सर्जिकल दस्ताने, सुरक्षात्मक आई गियर, पानी के भंडारण टैंक, स्लीपिंग मैट, तिरपाल और दवाओं सहित दो टन मानवीय सहायता आज यूक्रेन भेजी गई है।