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भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच विदेश मंत्रालय का बयान, कहा दोनों ही देश...

Thu, 14 May 2020 08:31 PM IST
श्रीधर मिश्रा नेशनल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
नेशनल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Thu, 14 May 2020 08:31 PM IST
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Foreign Ministry statement amidst tension on Indo-China border, said both countries...
फाइल फोटो - फोटो : PTI
एलएसी पर जारी तनाव को लेकर विदेश मंत्रालय का बयान आया है। एमईए की तरफ से कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साल 2018 में वुहान और साल 2019 में चेन्नई में पुष्टि की थी कि दोनों पक्ष सीमा क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखेंगे।
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वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हो रहे विकास को लेकर सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत और चीन दोनों ही देश भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के सभी क्षेत्रों में शांति और शांति के रखरखाव के लिए सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। 
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रिश्तों को उलझाने वाला कदम न ले भारत

भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प को लेकर चीन ने बुधवार को भारत से इस मामले पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने से बचने की सलाह दी थी।

पैंगॉन्ग त्सो झील क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई तनाव को लेकर, चीन ने कहा कि भारत को इस मुद्दे को उलझाने के लिए कोई कार्रवाई करने से बचना चाहिए। ड्रैगन की तरफ से दावा किया गया कि पीएलए सैनिक चीनी सीमा में सामान्य गश्त लगा रहे थे। 
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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लेशियन से सीमा पर जारी तनाव के बारे में पूछा गया कि क्या पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की सैनिक कार्रवाई चीन से व्यापार को लुभाने की भारत सरकार की योजना से असहमति से संबंधित थी, इस पर झाओ लेशियन ने कहा कि सैनिकों की झड़प को लेकर दोनों देश राजनयिक स्तर पर संपर्क में हैं।

हैरानी की बात यहां यह है कि पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र में पांच-छह मई को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प पर चीन ने चुप्पी साधे रखी है। वहीं, चीन की आधिकारिक मीडिया ने इस बारे में अभी तक कोई भी खबर जारी नहीं की। इस घटना के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे यह कहते हुए तवज्जो नहीं दी कि चीनी सैनिक ‘‘शांति और स्थिरता कायम रखने के लिये प्रतिबद्ध हैं।’’

इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी दुनिया के सामने सबसे बड़ा मुद्दा कोरोना वायरस से लड़ना है।

हमारे सैनिक शांति के लिए प्रतिबद्ध

इससे पहले चीन ने सोमवार को चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हालिया झड़प पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उसके सैनिक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने हालिया झड़पों के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि दोनों देशों को अपने मतभेदों को ठीक से संभालना चाहिए और उनका प्रबंधन करना चाहिए।

उन्होंने कहा था, "चीनी सीमा सैनिक हमेशा हमारे सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखते रहे हैं। चीन और भारत सीमा मामलों के संबंध में मौजूदा माध्यम के जरिए संचार और समन्वय में रहते हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या पांच और छह मई को हुई झड़पें चीन की कोविड-19 प्रकोप के बाद आक्रामक रुख को दर्शाती हैं, इस पर झाओ ने कहा कि यह मनगढ़ंत धारणा आधारहीन है।






 
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