पहले सर्जिकल स्ट्राइक हुई या नहीं इसकी जानकारी सिर्फ सेना कोः विदेश सचिव
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उड़ी आतंकी हमले के बाद सेना की ओर से की गई सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सरकार ने विदेश मामलों की संसदीय समिति के समक्ष भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष विदेश सचिव एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि पूर्व में सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक होती रही हैं या नहीं इस संबंध में सही जानकारी सेना के पास ही है सरकार के पास नहीं। हालांकि इससे पहले इस बात की सूचना आई थी कि विदेश सचिव ने संसदीय समिति के सामने पूर्व में सर्जिकल स्ट्राइक होने की बात कबूली है।
बता दें कि इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने दावा किया था कि उड़ी हमले के बाद पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक की गई। इससे पहले एलओसी पर की गई कार्रवाई सरकार की भागीदारी के बिना स्थानीय स्तर पर कमांडरों ने की थी।
करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने एलओसी के पार आतंकवादियों के लंच पैड पर किए गए हमले की विस्तृत जानकारी दी। इस बैठक में समिति के सदस्य कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं किया।
विदेश सचिव ने विदेश मामलों की संसदीय समिति को दी जानकारी
सूत्रों के मुताबिक विदेश सचिव और उप सेना प्रमुख ने कहा कि इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में यह आशंका बनी रहेगी कि भारत भविष्य में भी ऐसी स्ट्राइक कर सकता है। कांग्रेस सदस्यों की ओर से भविष्य में भी ऐसी स्ट्राइक किए जाने को लेकर पूछे जाने पर सरकारी प्रतिनिधियों ने कहा कि काफी कुछ झेलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
इस बैठक में भी समिति के सदस्यों को सर्जिकल स्ट्राइक का फुटेज नहीं दिखाया गया। गौरतलब है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कई नेताओं की ओर से इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के बाद सरकार ने संसद की इन दो समितियों के समक्ष सेना की ओर से जानकारी मुहैया कराने का फैसला किया था। सूत्रों ने बताया कि सेना के उप प्रमुख ने इस दौरान सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में समिति के सदस्यों को अवगत कराया।
विदेश सचिव ने उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के संबंध और पाकिस्तान को घेरने के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों से समिति के सदस्यों को अवगत कराया। सेना के उप प्रमुख ने इन घटनाओं के बाद की सामरिक मोर्चे पर स्थिति तो बीएसएफ ने सीमा पर वर्तमान स्थिति से समिति के सदस्यों को अवगत कराया।