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Budget: 'घिसे-पिटे रास्ते पर चल रहीं वित्त मंत्री, 1991 और 2004 की तरह...,' बजट को लेकर चिदंबरम का तंज

Sat, 01 Feb 2025 08:18 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 01 Feb 2025 08:18 PM IST
सार

Budget: कांग्रेस ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पुराने रास्ते पर चल रही हैं और 1991 और 2004 जैसे सुधारों के लिए तैयार नहीं हैं। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि बजट में कई नई योजनाएं और कार्यक्रम हैं, जो सरकार की क्षमता से बाहर हैं।

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FM walking on worn-out path, not willing to break free as we did in 1991, 2004: Congress
पी चिदंबरम - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नए विचारों के बिना पुराने घिसे-पिटे रास्ते पर चल रही हैं और इससे बाहर नहीं निकलने को तैयार नहीं हैं, जैसा कि उनकी सरकारों ने 1991 और 2004 में किया था। विपक्षी पार्टी ने कहा कि बजट से यह साफ है कि भाजपा कर चुकाने वाली मध्यवर्गीय जनता और बिहार के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है। 

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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, बजट में जो घोषणाएं की गई हैं, उनका मध्यवर्ग के 3.2 करोड़ करदाता और बिहार के 7.65 करोड़ मतदाता स्वागत कर सकते हैं, लेकिन शेष भारत के लिए वित्त मंत्री के पास सांत्वना भरे शब्दों के अलावा और कुछ नहीं था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सदस्यों की तालियों और भी बेहतर बना दिया। 
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उन्होंने कहा कि इसमें कोई खुशी की बात नहीं है कि सरकार ने राजकोषीय घाटे को 4.9 फीसदी से घटाकर 4.8 फीसदी किया है। यह सुधार अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ी कीमत चुकाने पर हुआ है। 
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चिदंबरम ने कहा, जो लोग हमारे यह कहने पर भरोसा नहीं थे कि अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है, मुझे उम्मीद है कि अब  वे हम पर भरोसा करेंगे। जो लोग यह नहीं मानते थे कि सरकार की योजनाएं बनाने और उन्हे लागू करने की क्षमता कम हुई है, मुझे उम्मीद है कि अब वे हमारी बात पर भरोसा करेंगे। 

कांग्रेस नेता ने कहा, 2025-26 के लिए पूंजीगत खर्ज को 1,02,661 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है, लेकिन 2024-25 के अनुभव को देखते हुए मुझे सरकार की क्षमता पर शक है कि वह लक्ष्य को हासिल कर पाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, हालांकि मुझे यह देखकर खुशी है कि वित्त मंत्री ने ज्योतिषीय रूप से तय आंकड़ों पर भरोसा करना छोड़ दिया है। 


चिदंबरम ने कहा कि यह स्पष्ट है कि न तो वित्त मंत्री और न ही प्रधानमंत्री मुख्य आर्थिक सलाहकार की सलाह पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण में समझदारी से सलाह दी थी। उनका सरकार को संदेश था- रास्ता छोड़ दो (यानी सरकार को किसी अन्य रास्ते पर चलने का सुझाव दिया था)। लेकिन इसके बजाय बजट में कई नई योजनाएं और कार्यक्रम शामिल किए गए हैं, जिनमें से बहुत सी योजनाएं इस सरकार के पास नहीं हैं। मैंने कम से कम 15 नई योजनओं और चार नए फंड की गिनती की है। 

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