{"_id":"683d4cbbadfa0aa98404f8c7","slug":"flood-worsened-the-situation-in-assam-764-villages-filled-with-water-rescue-work-intensified-imd-issued-alert-2025-06-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Assam Floods: असम में बाढ़ ने बिगाड़े हालात, 764 गांवों में भरा पानी; बचाव कार्य तेज, IMD ने जारी किया अलर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Assam Floods: असम में बाढ़ ने बिगाड़े हालात, 764 गांवों में भरा पानी; बचाव कार्य तेज, IMD ने जारी किया अलर्ट
Mon, 02 Jun 2025 12:33 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 02 Jun 2025 12:33 PM IST
सार
पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। असम सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां पर 15 जिलों के चार लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। राज्य में अब तक बाढ़, बारिश और भूस्खलन से 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
असम में बाढ़।
- फोटो : PTI
विस्तार
पूर्वोत्तर में मानसून की पहली बारिश में ही हाहाकार मच गया। बारिश के चलते हो रहे भूस्खलन और बाढ़ ने परेशानी बढ़ा दी है। बाढ़ से सबसे ज्यादा हालात असम में बिगड़े हैं। यहां 20 जिलों के 764 गांवों में पानी भर गया और करीब चार लाख लोग प्रभावित हैं। दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है।
विज्ञापन
असम में बाढ़।
- फोटो : PTI
कछार में सबसे ज्यादा स्थिति खराब
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के मुताबिक कछार और श्रीभूमि जिलों में दो लोगों की जान चली गई। यहां पर इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। प्राधिकरण ने कहा कि कि कछार सबसे अधिक प्रभावित है, जहां एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इसके बाद श्रीभूमि में 85,000 और नागांव में 62,000 लोग प्रभावित हैं। एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में 764 गांव जलमग्न हैं और असम में 3,524.38 हेक्टेयर फसल क्षेत्र नष्ट हो गया है।
ये भी पढ़ें: सैन्य शिविर चपेट में आया; तीन शव बरामद, चार को बचाया गया, छह कर्मियों की तलाश जारी
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के मुताबिक कछार और श्रीभूमि जिलों में दो लोगों की जान चली गई। यहां पर इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। प्राधिकरण ने कहा कि कि कछार सबसे अधिक प्रभावित है, जहां एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इसके बाद श्रीभूमि में 85,000 और नागांव में 62,000 लोग प्रभावित हैं। एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में 764 गांव जलमग्न हैं और असम में 3,524.38 हेक्टेयर फसल क्षेत्र नष्ट हो गया है।
ये भी पढ़ें: सैन्य शिविर चपेट में आया; तीन शव बरामद, चार को बचाया गया, छह कर्मियों की तलाश जारी
विज्ञापन
विज्ञापन
असम में बाढ़।
- फोटो : PTI
12 जिलों में चल रहे 155 राहत शिविर
बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए राहत व बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत कई एजेंसियां लगी हैं। प्रशासन वर्तमान में 12 जिलों में 155 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है। 10,272 विस्थापित लोगों की देखभाल कर रहा है। अफसरों ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के बाढ़ पीड़ितों के बीच 1,090.08 क्विंटल चावल, 284.63 क्विंटल दाल, 952.76 क्विंटल नमक और 4,726.26 लीटर सरसों का तेल वितरित किया है।
बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए राहत व बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत कई एजेंसियां लगी हैं। प्रशासन वर्तमान में 12 जिलों में 155 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है। 10,272 विस्थापित लोगों की देखभाल कर रहा है। अफसरों ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के बाढ़ पीड़ितों के बीच 1,090.08 क्विंटल चावल, 284.63 क्विंटल दाल, 952.76 क्विंटल नमक और 4,726.26 लीटर सरसों का तेल वितरित किया है।
असम में बाढ़।
- फोटो : PTI
नदियां उफान पर
बारिश के चलते राज्य की नदियां उफान पर हैं। ब्रह्मपुत्र नदी डिब्रूगढ़ और निमातीघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसकी सहायक नदियां नुमालीगढ़ में धनसिरी और कामपुर में कोपिली खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बराक नदी बदरपुर घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि इसकी सहायक नदी कुशियारा श्रीभूमि में और मतिजुरी में कटाखल भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं राज्य भर के कई जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से सड़क परिवहन, रेल यातायात और नौका सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
ये भी पढ़ें:राज्यों में भूस्खलन से तबाही, अब तक चार लाख से अधिक लोग प्रभावित; 20+ मौतें
बारिश के चलते राज्य की नदियां उफान पर हैं। ब्रह्मपुत्र नदी डिब्रूगढ़ और निमातीघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसकी सहायक नदियां नुमालीगढ़ में धनसिरी और कामपुर में कोपिली खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बराक नदी बदरपुर घाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि इसकी सहायक नदी कुशियारा श्रीभूमि में और मतिजुरी में कटाखल भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं राज्य भर के कई जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से सड़क परिवहन, रेल यातायात और नौका सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
ये भी पढ़ें:राज्यों में भूस्खलन से तबाही, अब तक चार लाख से अधिक लोग प्रभावित; 20+ मौतें
असम में बाढ़।
- फोटो : PTI
सीएम ने की लोगों से बचाव की अपील
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार शाम को आगाह किया कि राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और खराब होने की संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सरमा को फोन किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने चौदह फंसे हुए लोगों को निकाला गया।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार शाम को आगाह किया कि राज्य और पड़ोसी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और खराब होने की संभावना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सरमा को फोन किया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा से भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने चौदह फंसे हुए लोगों को निकाला गया।