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महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बाढ़ की आफत, 51 हजार लोग प्रभावित, कर्नाटक पर भी असर
Wed, 07 Aug 2019 10:29 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्हापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्हापुर
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 07 Aug 2019 10:29 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति बुधवार को भी भयावह बनी रही। बाढ़ से करीब 51,000 लोग और 200 गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं 340 से ज्यादा पुल डूब गए हैं। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि कोल्हापुर और सांगली में भारी बारिश के कारण प्रभावित स्थानीय लोगों की सहायता के लिए राज्य प्रशासन के आग्रह पर पश्चिमी नौसेना कमान की पांच टीमों को राहत कार्य में लगाया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए खाद्य पदार्थ, पेय जल और अन्य जरूरी सामानों का पर्याप्त प्रबंधन करने का निर्देश दिया है। कोल्हापुर के रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संजय शिंदे ने बताया कि कोल्हापुर के 1,234 गांवों में से करीब 204 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं 11,000 परिवारों के करीब 51 हजार लोग प्रभावित हैं। इनमें से 15,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
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उन्होंने बताया कि 342 पुल पानी में डूबे हुए हैं और यातायात के लिए बंद हैं। करीब 29 राज्य राजमार्ग और 56 मुख्य सड़कें बंद हैं। मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 4 और कोल्हापुर-रत्नागिरि राजमार्ग अब भी बंद है। अधिकारी ने बताया कि बचाव कार्य में 45 से ज्यादा नावों को लगाया गया है। शिंदे के कार्यालय में भी बारिश का पानी भर गया है।
पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश से पश्चिमी महाराष्ट्र में कोल्हापुर और सांगली बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य प्रशासन के आग्रह पर लोगों की मदद करने के लिए पश्चिमी नौसेना कमान की पांच टीमें तैयार की गई है। इसके अलावा गोताखोरों की टीमों को भी कार्य में लगाया गया है।
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All dams of Pune, Satara, Sangli and Kolhapur are 100% full. Riverside villages have been alerted. 6 NDRF units deployed in Kolkhapur, 6 more reaching. 3 NDRF units deployed in Sangli, 3 more reaching. 1 NDRF unit deployed in Satara
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89 boats are deployed to help the people. https://t.co/cnnz2NoftN — ANI (@ANI) August 7, 2019
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए खाद्य पदार्थ, पेय जल और अन्य जरूरी सामानों का पर्याप्त प्रबंधन करने का निर्देश दिया है। कोल्हापुर के रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर संजय शिंदे ने बताया कि कोल्हापुर के 1,234 गांवों में से करीब 204 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं 11,000 परिवारों के करीब 51 हजार लोग प्रभावित हैं। इनमें से 15,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
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उन्होंने बताया कि 342 पुल पानी में डूबे हुए हैं और यातायात के लिए बंद हैं। करीब 29 राज्य राजमार्ग और 56 मुख्य सड़कें बंद हैं। मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 4 और कोल्हापुर-रत्नागिरि राजमार्ग अब भी बंद है। अधिकारी ने बताया कि बचाव कार्य में 45 से ज्यादा नावों को लगाया गया है। शिंदे के कार्यालय में भी बारिश का पानी भर गया है।
पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश से पश्चिमी महाराष्ट्र में कोल्हापुर और सांगली बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य प्रशासन के आग्रह पर लोगों की मदद करने के लिए पश्चिमी नौसेना कमान की पांच टीमें तैयार की गई है। इसके अलावा गोताखोरों की टीमों को भी कार्य में लगाया गया है।
वहीं, कर्नाटक में मालनदा क्षेत्र के साथ साथ उत्तरी और तटीय क्षेत्रों के कई हिस्सों में भारी बारिश बुधवार को भी जारी रही और वर्षा जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। बेलगावी में मकान ढह जाने से एक महिला की मौत हो गयी जबकि धारवाड़ जिले में एक व्यक्ति पानी की तेज धार में बह गया। मंगलवार को बेलगावी में एक व्यक्ति की मकान ढहने के कारण मौत हो गयी थी।
पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी बांधों एवं बैराज का गेट खोलने के कारण भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। सड़क और रेल संपर्क अब भी प्रभावित हैं। बेलगावी, बगालकोट, विजयपुरा, रायचुर और यादगीर बाढ़ से प्रभावित हैं। लेकिन उडुपी, चिकमंगलुरु, मेंगलुरु, कोडागु, हुबली-धारवाड़, कारवार, हसन और शिवमोगा में मूसलाधार वर्षा की वजह से जनजीवन पटरी से उतर गया।
कृष्णा और उसकी सहायक नदियों के बांधों से पानी छोड़े जाने और भारी बारिश की वजह बेलगावी, बगालकोट और यादगीर भारी मुश्किलों में घिर गए हैं। बेलगावी में सरकारी विद्यालयों को पुनर्वास केंद्र में तब्दील किया गया है जहां बाढ़ प्रभावित लोग अपने मवेशियों के साथ ठहरे हुए हैं।
विपक्षी कांग्रेस और जद (एस) ने सरकार पर बाढ़ से निपटने में निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया है। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले जद (एस) ने ट्वीट किया, ‘‘ सरकार गायब है।’’
पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी बांधों एवं बैराज का गेट खोलने के कारण भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। सड़क और रेल संपर्क अब भी प्रभावित हैं। बेलगावी, बगालकोट, विजयपुरा, रायचुर और यादगीर बाढ़ से प्रभावित हैं। लेकिन उडुपी, चिकमंगलुरु, मेंगलुरु, कोडागु, हुबली-धारवाड़, कारवार, हसन और शिवमोगा में मूसलाधार वर्षा की वजह से जनजीवन पटरी से उतर गया।
कृष्णा और उसकी सहायक नदियों के बांधों से पानी छोड़े जाने और भारी बारिश की वजह बेलगावी, बगालकोट और यादगीर भारी मुश्किलों में घिर गए हैं। बेलगावी में सरकारी विद्यालयों को पुनर्वास केंद्र में तब्दील किया गया है जहां बाढ़ प्रभावित लोग अपने मवेशियों के साथ ठहरे हुए हैं।
विपक्षी कांग्रेस और जद (एस) ने सरकार पर बाढ़ से निपटने में निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया है। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाले जद (एस) ने ट्वीट किया, ‘‘ सरकार गायब है।’’