Maldives: फर्स्टपोस्ट शिखर सम्मेलन पूर्व रक्षा मंत्री ने भारत पर की बात, कहा- मालदीव वहां गलत कारणों से मशहूर
फर्स्टपोस्ट रक्षा शिखर सम्मेलन 2024 के एक सत्र को संबोधित करते हुए दीदी ने कहा कि जब भी मालदीव को मदद की आवश्यकता हुई तो सबसे पहले भारत ही सामने आता था। हमारे सामने जब भी कठिनाइयां आईं तो हमारे भारत सबसे पहले साथ होता था।
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मालदीव इन दिनों सुर्खियों में है। इस बीच मालदीव की पूर्व रक्षा मंत्री मारिया दीदी ने कहा कि भारत में मालदीव गलत कारणों से मशहूर हो रहा है खासकर सोशल मीडिया पर। मैं साफ करना चाहती हूं कि हम ऐसे लोग नहीं है, हमें विदेशी सैलानियों का हमारे देश में आना पसंद है। हम आपका मालदीव में स्वागत करते हैं। गौरतलब है कि मालदीव के मंत्री और नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई है।
फर्स्टपोस्ट रक्षा शिखर सम्मेलन 2024 के एक सत्र को संबोधित करते हुए दीदी ने कहा कि जब भी मालदीव को मदद की आवश्यकता हुई तो सबसे पहले भारत ही सामने आता था। हमारे सामने जब भी कठिनाइयां आईं तो हमारे भारत सबसे पहले साथ होता था। जब हमारे यहां सुनामी आई थी, तब भारत ही पहला देश था, जो मदद के लिए सामने आया। हमने देखा कि भारत श्रीलंका की मदद के लिए भी सबसे पहले पहुंचा था। हम चाहते हैं कि हिंद महासागर संघर्ष मुक्त हो। हमें क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखनी है। इसी वजह से जब हम सत्ता में थे तो हम यही सुनिश्चित करते थे कि हमारे पड़ोसियों से रिश्ते बेहतर हों। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हमारे रिश्ते अच्छे हों। हम शांति बनाए रखने में कामयाब भी हुए थे। हमें उम्मीद है कि जल्द सब कुछ ठीक हो जाएगा।
भारत पर कैसे निर्भर है मालदीव का पर्यटन?
पिछले कुछ वर्षों में मालदीव जाने वाले पर्यटकों में भारतीयों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। 2018 में देश के पर्यटन बाजार में भारत की हिस्सेदारी लगभग 6.1% थी। इस साल भारत से 90,474 लोग मालदीव घूमने पहुंचे जो पर्यटकों के आगमन का 5वां सबसे बड़ा स्रोत था। 2019 में 2018 की तुलना में लगभग दोगुनी संख्या में भारत पर्यटक द्वीप देश पहुंचे जो अन्य देशों के मुकाबले दूसरा सबसे ज्यादा आंकड़ा था।
जब दुनिया महामारी के प्रकोप से गुजर रही थी ऐसे वक्त में 2020 में मालदीव के पर्यटन बाजार के लिए सबसे बड़ा स्रोत भारत बना। इस साल लगभग 63,000 भारतीयों ने मालदीव का दौरा किया था। 2021 और 2022 में भारत से 2.91 लाख और 2.41 लाख से अधिक पर्यटक मालदीव पहुंचे। इस तरह से दोनों वर्षों में मालदीव के पर्यटन बाजार में भारतीयों की भागीदारी क्रमश: 23% और 14.4% रही जिससे भारत शीर्ष बाजार भी बना रहा। 13 दिसंबर 2023 तक भारत 11.1% बाजार हिस्सेदारी के साथ मालदीव के लिए दूसरा प्रमुख स्रोत बाजार रहा। 13 दिसंबर तक 1,93,693 भारतीय सैलानियों ने मालदीव की यात्रा की।