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श्रद्घांजलिः पहली भारतीय मूल की महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की कैसे हुई हवा में मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Feb 2018 08:17 PM IST
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कल्पना चावला
अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला कल्पना चावला की आज ही के दिन 2003 में अंतरिक्ष से वापस लौटते वक्त मौत हो हुई थी। इस अंतरिक्ष यान में कल्पना चावला सहित 7 लोग सवार थे। इन में सभी 7 लोगों की मौत हो गई थी। यान कोलंबिया शटल STS-107 करीब दो लाख फीट की ऊंचाई पर था। इसकी रफ्तार करीब 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह यान 16 मिनट बाद पृथ्वी पर उतरने ही वाला था लेकिन तभी यह हादसा हो गया जिसमें सभी की मौत हो गई।
कल्पना चावला का 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में पैदा हुईं थीं। कल्पना की शुरुआती पढ़ाई करनाल के ही टैगोर बाल निकेतन में हुई थी। वह एक सामान्य परिवार से थीं। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की पढ़ाई की। इसके बाद वह एम. टेक की पढ़ाई करने अमेरिका चली गईँ। इसी दौरान उन्हें प्यार भी हुई और उन्होंने बाद में शादी भी की।
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कल्पना चावला का 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में पैदा हुईं थीं। कल्पना की शुरुआती पढ़ाई करनाल के ही टैगोर बाल निकेतन में हुई थी। वह एक सामान्य परिवार से थीं। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की पढ़ाई की। इसके बाद वह एम. टेक की पढ़ाई करने अमेरिका चली गईँ। इसी दौरान उन्हें प्यार भी हुई और उन्होंने बाद में शादी भी की।
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लोग बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे
कल्पना चावला
कल्पना चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। उन्हें प्यार से मोंटू कहते थे। 1995 में कल्पना नासा में अंतरिक्ष यात्री के तौर पर शामिल हुईं और 1998 में उन्हें अपनी पहली उड़ान के लिए चुना गया। यह यात्रा उनकी सफल रही और दुनिया भर में इस भारत की बेटी ने अपना परचम लहराया।
दूसरी बार उन्हें फिर चुना गया। सभी लोग बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन खबर कुछ ऐसी आई कि सबके चेहरों पर खुशी की जगह आंसू छलक आए। वैज्ञानिकों के मुताबिक जैसे ही कोलंबिया ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, वैसे ही उसकी उष्मारोधी परतें फट गईं और यान का तापमान बढ़ने से यह हादसा हुआ।
दूसरी बार उन्हें फिर चुना गया। सभी लोग बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन खबर कुछ ऐसी आई कि सबके चेहरों पर खुशी की जगह आंसू छलक आए। वैज्ञानिकों के मुताबिक जैसे ही कोलंबिया ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, वैसे ही उसकी उष्मारोधी परतें फट गईं और यान का तापमान बढ़ने से यह हादसा हुआ।