भारत-चिली संयुक्त आयोग की पहली बैठक, रक्षा-अंतरिक्ष समेत इन मुद्दों पर हुई चर्चा
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भारत-चिली संयुक्त आयोग की पहली बैठक शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इस बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चिली के समकक्ष आंद्रेस अल्लामंद जवाला ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान विदेश मंत्री ने अपनी विदेश नीति में भारत को प्राथमिकता वाले देश के रूप में नामित करने के चिली के फैसले का स्वागत किया।
बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत के आर्थिक पुनरुद्धार के आधार के रूप में आत्मनिर्भरता और मानव-केंद्रित वैश्वीकरण के माध्यम से लचीलापन बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने भारत की नई आर्थिक क्षमताओं और बढ़ते बाजार का लाभ उठाने के लिए चिली को आमंत्रित किया।
मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपने व्यापक संबंधों के भविष्य पर चर्चा की। वे व्यापार और वाणिज्य, कृषि, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, खनन, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में अपने संबंधों में नई गति जोड़ने के लिए सहमत हुए।
Both sides discussed the future trajectory of their wide-ranging engagements. They agreed to add new momentum to their relations in Trade and Commerce, Agriculture, Health & Social Security, Defence, Space, Science & Technology, Energy, Mining, Culture & Education amongst others. https://t.co/V8xRZAYe9B
— ANI (@ANI) October 16, 2020
गौरतलब है कि इसी साल फरवरी के महीने में भारत और दक्षिण अमेरिकी देश चिली ने द्विपक्षीय वाणिज्यिक एवं आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिये व्यापार समझौते के विस्तार पर बातचीत शुरू की थी। दोनों देशों ने आठ मार्च, 2006 को तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए) किया था। यह करार अगस्त, 2007 से अमल में है। दोनों देशों ने 2016 में इस करार में नए उत्पादों को शामिल कर इसका विस्तार किया।
वित्त वर्ष 2018-19 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार मामूली गिरकर 2.22 अरब डॉलर रहा था। भारत चिली को मुख्यत: परिवहन उपकरणों, दवाओं, पॉलिएस्टर धागे, टायर और ट्यूब, धातु के उत्पाद, प्रसाधन, जैविक व गैर जैविक कृषि रसायन, वस्त्र, तैयार कपड़े, प्लास्टिक के सामान, चमड़े के उत्पाद, इंजीनियरिंग के सामान, खेल-कूद के सामान, हथकरघा उत्पादों आदि का निर्यात करता है।
चिली मुख्य तौर पर भारत को तांबा अयस्क, आयोडीन, कॉपर एनोड, कॉपर कैथोड, मॉलीबडेनम अयस्क, लिथियम कार्बोनेट, धातु के कबाड़, रसायन, कागज, फल, मेवे, उर्वरक, मशीनों आदि का निर्यात करता है।