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तृणमूल कांग्रेस विधायक की हत्या में मुकुल राय समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Mon, 11 Feb 2019 02:47 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: संदीप भट्ट Updated Mon, 11 Feb 2019 02:47 AM IST
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Mukul Roy name is in FIR lodged by police in connection with assassination of TMC MLA
मुकुल रॉय-सत्यजीत विश्वास

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में शनिवार रात को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक सत्यजीत विश्वास की हत्या के मामले में भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल राय समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। राय ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है।

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राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में नामजद चार में से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। चार आरोपियों के अलावा तीन अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। जिस देसी रिवाल्वर से विधायक को गोली मारी गई उसे बरामद कर लिया गया है।
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प्राथमिक जांच से पता चला है कि विश्वास को एक सुनियोजित योजना के तहत पीछे से गोली मारी गई। एक अधिकारी ने बताया कि नदिया बांग्लादेश की सीमा से लगा है। ऐसे में अभियुक्तों के फरार होकर पड़ोसी देश में जाने का संभावना है।
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इसके लिए सीमावर्ती इलाकों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस मामले में हांसखाली थाने के प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। विधायक का बाडीगार्ड भी शनिवार को छुट्टी पर था। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। 

बता दें कि जिले के कृष्णगंज क्षेत्र के विधायक विश्वास (41) को फूलबाड़ी इलाके में उनके घर के समीप सरस्वती पूजा के एक पंडाल में काफी नजदीक से गोली मारी गई। उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने विश्वास को मृत घोषित कर दिया। रविवार को उनका शव अंतिम संस्कार के लिए घर लाया गया जहां सैकड़ों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शाम को विश्वास का अंतिम संस्कार कर दिया गया।


 

कौन हैं मुकुल रॉय


मुकुल रॉय टीएमसी के पूर्व सांसद हैं। मनमोहन सरकार में वह रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाल चुके हैं। ममता बनर्जी के साथ रिश्तों में आई खटास के बाद उन्होंने पिछले साल भाजपा का दामन थाम लिया था। शारदा चिटफंड मामले में भी उनका नाम आया था। ममता बनर्जी ने जब रेल मंत्री पद से इस्तीफा दिया था तब मुकुल रॉय को यह कार्यभार सौंपा गया था।

11 जुलाई 2011 को असम में हुए एक रेल दुर्घटना पर प्रधानमंत्री के कहने के बावजूद मुकुल रॉय दुर्घटनास्थल पर नहीं गए थे। जिसके बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें रेल मंत्री पद देने की अनिच्छा ममता बनर्जी से जताई थी, इसके बाद ही दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री बनाया गया था।


 

राजनीति से प्रेरित आरोप : मुकुल 

पश्चिम बंगाल में कहीं भी टीएमसी के लोगों की हत्या होती है, तो वे लोग भाजपा के कार्यकर्ता या नेताओं पर आरोप लगाते हैं। मुझ पर दर्ज की एफआईआर पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। यह एक गंदी साजिश के अलावा कुछ नहीं है। 

 

 

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