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वित्त मंत्रालय: नोटबंदी के बाद जीडीपी के मुकाबले घटा नकदी प्रवाह
Thu, 28 Mar 2019 04:42 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Thu, 28 Mar 2019 04:42 AM IST
सार
- 10.48 फीसदी पर आ गया है जीडीपी के सापेक्ष नकदी प्रवाह नवंबर 2018 में
- 11.55 फीसदी के स्तर पर था नवंबर 2016 में यह आंकड़ा
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विस्तार
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दो साल पहले की गई नोटबंदी के बाद से जीडीपी के मुकाबले सिस्टम में नकदी प्रवाह कम हुआ है। पिछले दो वर्षों में इसमें 1 फीसदी से ज्यादा की कमी आई और जीडीपी के मुकाबले कुल नकदी प्रवाह 10.48 फीसदी पर पहुंच गया।
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वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि 8 नवंबर, 2016 को जब 500 और 1000 रुपये के नोट का चलन बंद किया गया तो जीडीपी के मुकाबले कुल नकदी प्रवाह 11.55 फीसदी था। दो साल बाद 8 नवंबर, 2018 को यह अनुपात घटकर 10.48 फीसदी पर आ गया। नोटबंदी के बाद 15.31 लाख करोड़ रुपये की नकदी बैंकों में वापस जमा की गई, जो चलन में रही 500-1000 की कुल 15.41 लाख करोड़ की नकदी का 99.3 फीसदी रहा।
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इसका एक मकसद नकदी प्रवाह को घटाकर डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि 2014 से 2016 के दौरान नकदी चलन में 14.71 फीसदी की साल-दर-साल वृद्घि दिखी, जबकि 4 नवंबर, 2016 को चलन में रहे कुल नोट 17.74 लाख करोड़ मूल्य के थे। 22 मार्च, 2019 को यह आंकड़ा बढ़कर 21.22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो महीने के आखिर तक 3 लाख करोड़ और बढ़कर 24.55 लाख करोड़ पहुंच जाएगा। पिछले दो वर्षों में डिजिटल लेनदेन में भी 50 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है।
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