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वित्तमंत्री ने बताया: स्पाइनल मस्क्यूलर आट्रोफी की दवा पर पहले से ही है कर छूट 

Sat, 20 Mar 2021 04:19 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 20 Mar 2021 04:19 AM IST
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Finance Minister Nirmala Sitharaman said: There is already a tax exemption on the medicine of spinal muscular atrophy
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : PTI

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि स्पाइनल मस्क्यूलर आट्रोफी (एसएमए) बीमारी की दवा को पहले से ही बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट है। इस पर केवल 5 फीसदी जीएसटी लगाई गई है।

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वित्तमंत्री ने बताया कि इस दवा को लेकर कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने बुधवार को जो कर का आकलन बताया था, वह सही नहीं है। उन्होंने बताया था कि दवा की कीमत 16 करोड़ रुपये हैं और इस पर 7 करोड़ रुपये कर के रूप में है। वित्तमंत्री ने कहा कि वह सदन को बताना चाहती हैं कि देश में कोई भी जीवन रक्षक दवा जो व्यक्तिगत उपयोग के लिए विदेशों से आयात की जाती है, उसे बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट हासिल है।
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इस छूट को तय करने का अधिकार सशर्त या बिना किसी शर्त के डीजी हेल्थ सर्विसेस या डीजी ऑफ स्टेट हेल्थ सर्विसेस की ओर से तय की गई दवाओं पर दिया जाता है। इसलिए यह दवा निजी उपयोग के लिए आयात करने पर कर से छूट प्राप्त है। हालांकि उन्होंने बताया कि कुछ दवाओं पर 5 फीसदी जीएसटी ली जाती है।
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इस हिसाब से इस दवा पर केवल 80 लाख रुपये का ही कर बनता है क्योंकि जीएसटी पर फैसला जीएसजी परिषद लेती है, लेकिन इसे लेकर वित्तमंत्री को अस्थायी रोक लगाने का अधिकार है। इसलिए यदि कोई निवेदन मिलता है तो वित्तमंत्री अस्थायी रूप से इस पर रोक लगा सकते हैं और इसे जीएसटी परिषद में ले जाकर इस पर फाइनल मुहर लगवा सकते हैं।


स्पाइनल मस्क्यूलर आट्रोफी को एसएमए कहा जाता है। कांग्रेस सांसद तन्खा ने 17 मार्च को यह मुद्दा उठाया था और कहा था कि देश में हर साल करीब 2500 बच्चे इस दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त होकर पैदा होते हैं। यह बीमारी 2 साल तक के बच्चों को प्रभावित करती है। उन्होंने सरकार से मांग की थी कि वह इसका समाधान निकाले और दवा के आयात को कर के दायरे से बाहर कर दे या इसे अनिवार्य छूट दे।

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