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अधर में लटकी सेना की 60 हजार करोड़ लागत वाली एफआईसीवी परियोजना
Wed, 02 Jan 2019 06:31 PM IST
अमित मंडल
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Wed, 02 Jan 2019 06:31 PM IST
सार
- 2600 युद्धक वाहन तैयार करने की है परियोजना
- टैंक भेदी मिसाइलों व तोपों से लैस होंगे युद्धपोत
- अक्तूबर 2009 में की गई थी प्रोजेक्ट की परिकल्पना
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एफआर्इसीवी युद्घपाेत
- फोटो : social media
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विस्तार
भारतीय सेना के लिए 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,600 फ्यूचर इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स (एफआईसीवी) खरीदने की 10 साल पुरानी योजना में अभी और देर होगी। इस योजना का भविष्य अब भी अधर में है। इसे लागू करने वाले विभिन्न पक्षकारों के अलग-अलग विचारों के कारण यह मामला फिलहाल लटक गया है।
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आधुनिक युद्धपोतों का बेड़ा अपने देश में बनाने का एक अन्य महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भी प्रक्रियागत देरी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मालूम हो कि इन युद्धपोतों को भविष्य के युद्धक वाहन के तौर पर पेश किया जा रहा है। इन युद्धपोतों के तैयार होने से भारतीय सेना विश्वस्तर पर और अधिक मजबूत होगी।
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अधिकारियों की बैठक भी टली
सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्रालय और एफआईसीवी परियोजना के शीर्ष अधिकारियों की पिछले महीने प्रस्तावित बैठक कार्यक्रम को लेकर कुछ मतभेदों के कारण टाल दी गई। एफआईसीवी की परिकल्पना सबसे पहले अक्टूबर 2009 में की गई थी और कई महीने बाद शुरुआती प्रक्रिया प्रारंभ हुई। बहरहाल, युद्धक वाहन स्वदेश में बना सकने वाली निजी कंपनियों के चयन की प्रक्रिया को 2012 में वापस ले लिया गया और 2014 में फिर से यह काम शुरू किया गया।
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होती रही देर तो 2050 तक भी तैयार नहीं होगा युद्धपोत
एफआईसीवी वाहनों का इस्तेमाल पैदल सेना को युद्ध भूमि में ले जाने में किया जाता है और ये वाहन सामान्यत: टैंक भेदी मिसाइलों और तोप से लैस होते हैं। सेना रूस में निर्मित बीएमपी-टू इन्फैंट्री कम्बैट व्हीकल्स के स्थान पर एफआईसीवी चाहती है। परियोजना से जुड़े सेना के एक अधिकारी ने कहा कि मूल योजना एफआईसीवी को 2025 तक शामिल करने की है। जिस तरह से चीजें चल रही हैं, ऐसी संभावना कम ही है कि हम उन्हें 2050 से पहले शामिल कर पाएंगे।
भारतीय सेना को मजबूती प्रदान करनेवाली इस परियोजना के अधर में लटकने की खबर ऐसे समय में आ रही है, जब एक अन्य महत्वपूर्ण योजना राफेल विमान सौदा पर बवाल मचा हुआ है।