बाढ़ से बेहाल : खाने की तलाश में आवासीय इलाके में अपने बच्चे के साथ दिखी मादा गेंडा
असम इस समय बाढ़ के कहर से जूझ रहा है। क्या इंसान और क्या जानवर सभी इस संकट से परेशान हैं। सोमवार को राज्य के मोरीगांव जिले के मयुंग क्षेत्र के आवासीय इलाके में एक मादा गेंडा को अपने बच्चे के साथ देखा गया। वन अधिकारियों ने बताया कि पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में बाढ़ की वजह से खाने की कमी हो गई है। इस वजह से ये जानवर खाने की तलाश में अक्सर आवासीय इलाकों में आ जाते हैं।
#Watch Female rhinoceros, her child spotted in the residential area of Myung, Morigaon district in search of food. #AssamFloods
विज्ञापन
Due to the lack of food in Pobitra Wildlife Sanctuary, they have been coming here frequently since forests are flooded, says forest official. pic.twitter.com/XP19DFJUij— ANI (@ANI) July 27, 2020
बता दें कि असम में बाढ़ से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बाढ़ संबंधी नियमित रिपोर्ट के अनुसार अब तक राज्य में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 128 लोगों की मौत हो चुकी है। प्राधिकरण ने बताया कि राज्य में करीब 25 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। यहां का गोवलपारा जिला बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है जहां अभी तक 4.7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
काजीरंगा में भी हाल बेहाल, प्रिंस विलियम और केट ने लिखा था पत्र
असम का काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पर भी बाढ़ की मार पड़ी है। प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडलटन ने इस उद्यान के बुरी तरह तबाह हो जाने पर चिंता और निराशा जताई थी। इस साल तीन बार बाढ़ आने से इस उद्यान पर बहुत बुरा असर पड़ा है। फिलहाल उद्यान का 92 फीसद क्षेत्र जलमग्न है। इसके अलावा यहां 12 गैंडों समेत 123 जानवर जानवरों की मौत हो गई है। साथ ही कई लोगों की आजीविका भी प्रभावित हुई है।
उद्यान के निदेशक पी शिवकुमार को भेजे पत्र में ड्यूक और डचेस ऑफ कैम्ब्रिज ने कहा कि मानसून की बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और उसके वन्यजीवों की हुई तबाही से उनका हृदयव्यथित है। प्रिंस विलियम ने पत्र में लिखा, ‘हमारी काजीरंगा की अप्रैल 2016 की यात्रा की खुशी की यादें हैं और जो कुछ हुआ है, उससे हम स्तब्ध हैं।’ प्रिंस विलियम ने लिखा है कि एक सींग वाले गैंडों समेत इतने जानवरों की मौत बिल्कुल विचलित करने वाली है।