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जानिए कौन है टकला, मुंबई धमाकों में अहम भूमिका निभाने के बाद दुबई में संभाला दाऊद का सिंडिकेट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Mar 2018 09:51 PM IST
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अयोध्या में विवादास्पद ढांचे को ढहाए जाने का बदला लेने के लिए माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उससे गुर्गों ने 1993 में जिस आतंकी घटना को अंजाम दिया, उसमें यासीन मंसूर मोहम्मद फारूक उर्फ फारूक टकला और उसके भाई मोहम्मद अहमद मंसूर उर्फ लंगड़ा ने अहम भूमिका निभाई थी। मुंबई धमाकों के तुरंत बाद टकला तो देश छोड़कर फरार हो गया लेकिन उसका भाई पकड़ा गया। हालांकि कोर्ट में अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर पाया और वह बरी हो गया।
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दुबई में दाऊद इब्राहिम का क्राइम सिंडिकेट संभाल रहा था टकला
टकला ने दुबई पहुंचने के बाद धमाके के कई आरोपियों को वहां छुपाने में मदद की। सीबीआई के अनुसार वह वहां दाऊद का क्राइम सिंडिकेट चला रहा था और डॉन का बहुत करीबी माना जाता है। उसकी हैसियत डॉन के चुनिंदा मैनेजरों में होती थी।
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मुंबई में 17 फरवरी, 1961 को जन्मे टकला का असली नाम यासीन मंसूर मोहम्मद फारूक है। जांच एजेंसी के अनुसार टकला और उसके भाई मोहम्मद अहमद मंसूर उर्फ लंगड़ा ने धमाके के आरोपियों के लिए वाहनों का इंतजाम किया था। इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी और 700 लोग घायल हुए थे। विशेष टाडा अदालत ने जून, 2017 में छह लोगों को दोषी करार दिया था।
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अबू सलेम सहित दो को आजीवन कारावास और दो को मौत की सजा सुनाई गई है। एक दोषी को दस साल की जेल हुई है, जबकि मुस्तफा दोसा की दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में मौत हो गई। इस आतंकी घटना के मास्टरमाइंड डॉन दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन सहित 27 आरोपी फरार हैं। टकला के खिलाफ 1995 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। मुंबई बम धमाकों के अलावा उसके खिलाफ हत्या, वसूली, अपहरण और आपराधिक साजिश के मामलों में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।
जेजे शूटआउट केस में भी आरोपी
टकला मुंबई के जेजे अस्पताल शूटआउट केस में भी आरोपी है। दाऊद के बहनोई इब्रहिम इस्माइल पारकर की मौत का बदला लेने के लिए उसके गुंडों ने जेजे अस्पताल में भर्ती गवली गैंग के शैलेश हलदानकर की 12 सितंबर, 1992 को एके 47 से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसमें दो पुलिस वाले भी मारे गए थे।