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हिंसा के बाद नरम पड़े किसान संगठन, केंद्र के चर्चा के प्रस्ताव का है इंतजार
Fri, 29 Jan 2021 11:43 PM IST
सुरेंद्र जोशी
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 29 Jan 2021 11:43 PM IST
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kisan andolan, file photo
- फोटो : amar ujala
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गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद किसान संगठन नरम रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। इन संगठनों का कहना है कि हम नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार से चर्चा करना चाहते हैं। अगर हमारी वाजिब मांगें सरकार मान लेती है तो हम आंदोलन खत्म कर देंगे।
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ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के अध्यक्ष किसान नेता प्रेम सिंह भंगू ने अमर उजाला से कहा, केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को कुछ समय तक टालने की बात कही थी, जिसे किसान संगठनों ने मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद हमने सरकार से नए प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। किसानों ने मंत्रियों से कहा था कि आप इस मसले पर कोई नया प्रस्ताव भेजें। हम इस पर मिलकर बैठक में बात करेंगे। ट्रैक्टर परेड के बाद हम सरकार के नए प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही वे बैठक की तारीख तय करेंगे, हम सरकार से चर्चा के लिए तैयार हो जाएंगे।
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कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला से कहा सरकार हर स्तर की वार्ता के लिए तैयार है। पिछली बैठकों में ही किसान संगठनों को सरकार के प्रस्ताव से अवगत करवाया जा चुका है। किसान संगठन की तरफ से बैठक का कोई सुझाव आता है तो फिर से चर्चा हो सकती है, लेकिन अभी तक बैठक कब होगी ये तय नहीं है। लालकिले की हिंसा के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कहा था कि सरकार ने कभी नहीं कहा कि बातचीत के दरवाजे बंद हुए हैं। हम किसानों से हर स्तर पर चर्चा को लेकर तैयार हैं।
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कृषि कानून के मसले पर किसान संगठनों और भारत सरकार के बीच करीब एक दर्जन बार विज्ञान भवन में चर्चा हो चुकी है। पिछली दफा हुई बैठक में केंद्र ने किसान संगठनों से कहा था कि सरकार के प्रस्ताव को मान लिया जाए। सरकार ने किसानों से कृषि कानूनों को कुछ समय तक टालने की बात कही थी, लेकिन किसान संगठन उस पर भी राजी नहीं हुए थे। इसके बाद से ही दोनों पक्षों की तरफ से सख्त रुख अपनाया गया।