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Farm Laws: कृषि कानूनों के समर्थन में उतरे व्यापारी, कहा- थोड़े से संशोधन से बन सकती थी बात
Fri, 19 Nov 2021 06:43 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 19 Nov 2021 06:43 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा ने कहा है कि केंद्र द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानून बहुत अच्छे थे। इनसे किसानों की स्थिति मजबूत करने में अच्छी मदद मिल सकती थी। हालांकि कुछ बिंदुओं पर इनमे संशोधन की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि मंडियों में शुल्क बहुत कम किया जाना चाहिए था...
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ज्ञानेश मिश्रा, महासचिव भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
शुक्रवार सुबह से जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है, इस कानून पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। उत्तर प्रदेश खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल ने कहा है कि तीनों कृषि कानून अच्छे थे, इनसे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती थी। हालांकि, इनमें कुछ बिंदुओं पर कुछ संशोधन की आवश्यकता थी, जिसे आपसी सहमति से मिल-बैठकर एक बेहतर स्वरूप दिया जा सकता था। लेकिन केंद्र सरकार ने कुछ लोगों के दबाव में आकर इसे पूरी तरह से वापस लेने का फैसला कर दिया। इससे अंततः किसानों को ही नुकसान होगा।
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उत्तर प्रदेश खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा ने कहा है कि केंद्र द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानून बहुत अच्छे थे। इनसे किसानों की स्थिति मजबूत करने में अच्छी मदद मिल सकती थी। हालांकि कुछ बिंदुओं पर इनमे संशोधन की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि मंडियों में शुल्क बहुत कम किया जाना चाहिए था। इसे 0.25 फीसदी तक लाया जा सकता था, जिससे मंडियों का खर्च आसानी से चल सके, लेकिन इससे ज्यादा टैक्स लगाने की आवश्यकता नहीं है।
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भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री ज्ञानेश मिश्रा ने कहा कि नए कृषि कानूनों से किसान अपनी फसल किसी भी मंडी में भेज सकते थे, लेकिन कानून खत्म हो जाने के बाद अब यदि वे अपनी फसल किसी दूसरी मंडी में बेचने के लिए जाएंगे, तो उन्हें व्यापारी और अधिकारी परेशान करेंगे और उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इससे साबित होता है कि इन कृषि कानूनों को खत्म करने से किसानों को ही नुकसान होने वाला है।
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