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Hindi News ›   India News ›   Farm Law Repeal Those five reasons: Understand why central government withdrew from them, why PM Modi had Said all three agricultural laws would be returned

वो पांच कारण : इनसे समझिए क्यों पीछे हटी केंद्र सरकार, पीएम मोदी को कहना पड़ा तीनों कृषि कानून वापस होंगे

Sat, 20 Nov 2021 05:42 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 20 Nov 2021 05:42 AM IST
सार

मैं देशवासियों से क्षमा मांगते हुए सच्चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रह गई होगी, जिसके कारण दीये के प्रकाश जैसा सत्य, कुछ किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए। हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। संसद सत्र में, हम इन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की सांविधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे। - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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Farm Law Repeal Those five reasons: Understand why central government withdrew from them, why PM Modi had Said all three agricultural laws would be returned
kisan andolan - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन की पहली वर्षगांठ से ठीक सात दिन पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा कर दी। गुरु नानकदेव के प्रकाश पर्व पर सुबह 9 बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने किसानों से आंदोलन वापस लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने जनता से माफी मांगते हुए कहा कि कानूनों की वापसी की सांविधानिक औपचारिकताएं 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीत सत्र में पूरी की जाएंगी।

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पीएम ने कहा, सरकार, किसानों, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, गांव गरीब के उज्ज्वल भविष्य के लिए, सत्यनिष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से कानून लेकर आई, पर इतनी पवित्र बात, पूर्ण रूप से शुद्ध, किसानों के हित की बात, हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। पीएम ने कहा कि कृषि अर्थशास्त्रियों, वैज्ञानिकों व प्रगतिशील किसानों ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया। आइए जानते हैं वो पांच कारण जिनकी वजह से केंद्र सरकार को पीछे हटना पड़ा...
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वो पांच कारण

  • यूपी, उत्तराखंड, पंजाब विधानसभा चुनाव: खासकर पश्चिम यूपी में मजबूत किसान आंदोलन से जाट वोट छिटकने का था खतरा।
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  • उपचुनावों का झटका: हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में करारी शिकस्त से हुआ सरकार को जमीनी स्तर पर नाराजगी का अहसास।
  • लखीमपुर कांड: किसानों पर कार चढ़ाने की घटना से हुई बदनामी। घटनास्थल पर गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के पुत्र की मौजूदगी और गोलियां चलाने की भी पुष्टि।
  • अपनों का बढ़ता विरोध: मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सीधा मोर्चा खोला, सांसद वरुण गांधी ने भी हमला बोला।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को धक्का: आंदोलन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी की छवि को धक्का लगा। कई देशों ने सार्वजनिक तौर पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

एमएसपी पर बनाएंगे कमेटी
पीएम मोदी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को और प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक कमेटी बनाएंगे। कमेटी में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधि, किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री होंगे। कमेटी जीरो बजट खेती व किसान के हित में निर्णय लेगी।

किसानों का अगला कदम : एमएसपी गारंटी कानून बनने तक आंदोलन जारी रहेगा
किसान आंदोलन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग जुड़ गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सरकार एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाए। कानून बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बारे में रविवार को बैठक में फैसला होगा।

किसानों की ये मांगें भी
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करें और शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले किसानों के खिलाफ मामले वापस लें

संसद में वापस लें कानून : टिकैत
भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने कहा, सरकार तीनों कानून संसद में वापस ले और एमएसपी पर गारंटी वाला कानून लेकर आए, तभी आंदोलन समाप्त होगा। अभी आधी मांग ही पूरी हुई है। दोनों मांगें पूरी होने के बाद ही हम जश्न मनाएंगे।

केंद्र की जिद में गई 700 की जान
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, केंद्र की जिद और रवैये के कारण एक साल तक चले आंदोलन में 700 किसानों की मौत हुई। आगे की रणनीति बैठक में तय करेंगे।

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