Farm Bill Protest Live Updates: कृषि कानून के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन, सीएम अमरिंदर का हरसिमरत पर निशाना
केंद्र सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों से पारित तीन कृषि विधेयकों पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। यानी अब ये कानून बन गए हैं। इस कानून को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी है। सोमवार को भी देश के कई हिस्सों में कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर विधायक और मंत्रियों के साथ भगत सिंह की जन्मस्थली पर धरने पर बैठे। उन्होंने कानून को देश विरोधी करार दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि आईएसआई को इसी तरह के मौकों की तलाश रहती है। वहीं राहुल गांधी के पंजाब आकर कानून का विरोध कर रहे किसानों का नेतृत्व करने की उम्मीद है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाली शिरोमणि अकाली दल की नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि उन्हें इस्तीफा देकर कुछ हासिल नहीं हुआ है। दूसरी ओर कानून के खिलाफ केरल के कांग्रेस सांसद ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्स-
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तेलंगाना : कांग्रेस ने किया कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन
तेलंगाना में सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाल ही में अस्तित्व में आए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति से उन्हें वापस लेने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और तेलंगाना कांग्रेस के मामलों के प्रभारी मनिकम टैगोर ने यहां राजभवन में राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन को ज्ञापन देने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार यहां एक सरकारी अतिथिगृह से राजभवन जाने का प्रयास करने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और यहां घोषमहल थाने ले जाया गया। पुलिस के अनुसार इन लोगों ने राज्यपाल से मुलाकात का वक्त नहीं लिया था। पुलिस ने बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
हरियाणा कांग्रेस ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया
हरियाणा के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कृषि संबंधी नए कानूनों के खिलाफ पार्टी के राज्य मुख्यालय के बाहर सोमवार को विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि ये कानून 'आत्मनिर्भर' किसान को 'आश्रित' बना देंगे और उन्हें बड़े कॉरपोरेट घरानों की दया पर छोड़ देंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर विरोध किया, जिन पर लिखा था, ' अन्नदाता की सुनो पुकार, बंद करो अत्याचार।' साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित 'काले कानून' को वापस लेने की मांग की और इसे किसान विरोधी करार दिया।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या बोले, कांग्रेस ने लिया यू-टर्न
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा, किसानों को पता है कि केंद्र सरकार ने उनके हित में बिल पास किया है। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह कृषि सुधारों को लागू करेगी। चूंकि मोदी सरकार ने इसे पास कर दिया है इसलिए कांग्रेस ने अब यू-टर्न ले लिया है।कांग्रेस ने कृषि कानूनों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा पारित नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तथा संशोधन को लेकर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन जयपुर में राज्यपाल कलराज मिश्र को सौंपा। कांग्रेस कमेटी की ओर से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजभवन में यह ज्ञापन मिश्र को सौंपा।
बता दें कि संसद में पारित कृषि संबंधी विधेयकों - कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020- का कांग्रेस विरोध कर रही है।
लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध-प्रदर्शन
कृषि बिलों के विरोध में लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने हिरासत में लिया।Lucknow: Police detained Congress workers including party chief Ajay Kumar Lallu, who were protesting against the #FarmBills (now laws). pic.twitter.com/r3kFeEJnX1
— ANI UP (@ANINewsUP) September 28, 2020
देहरादून में विरोध-प्रदर्शन
उत्तराखंड: देहरादून में कांग्रेस पार्टी ने कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। #FarmLaws pic.twitter.com/dji5xmC7GV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 28, 2020
अमरिंदर बोले, हरसिमरत पर किसी को भरोसा नहीं
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरसिमरत कौर पर कहा, अध्यादेश को मंत्री परिषद में रखा गया होगा। तब उन्होंने इसका विरोध क्यों नहीं किया था। कोई भी उनपर भरोसा नहीं करेगा।मुझे इस्तीफे से कुछ नहीं मिला: हरसिमरत कौर
शिरोमणि अकाली दल की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कहा, 'मुझे अपने इस्तीफे से कुछ हासिल नहीं हुआ, मुझे केवल नुकसान हुआ है। लेकिन इसने किसानों के मुद्दों को केंद्र के मंच पर ला दिया। कृषि कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के कारण संसद सत्र में एक हफ्ते की कटौती की गई।'I didn't gain anything from my resignation, I've only lost. But it brought farmers' issues to the centre stage. Parliament session had to be cut short by a week due to nationwide protests against #FarmBills: Shiromani Akali Dal leader & former union minister Harsimrat Kaur Badal pic.twitter.com/WLuLCEwZ0X
— ANI (@ANI) September 28, 2020
हम उच्चतम न्यायालय जाएंगे:अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'हम उच्चतम न्यायालय जाएंगे। कृषि एक राज्य का विषय है लेकिन कृषि कानून हमें बिना पूछे पारित कर दिया गया है। यह पूरी तरह असंवैधानिक है।'We will be going to the Supreme Court. Agriculture is a state subject but farm bills have been passed without asking us. It is totally unconstitutional: Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh pic.twitter.com/6L4qLW86sS
— ANI (@ANI) September 28, 2020
कांग्रेस और वामपंथी दलों ने किया केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
कर्नाटक में भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस और वामपंथी दलों ने हुबली में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।Karnataka: Indian National Trade Union Congress & Left parties protest against central & state govts in Hubli. Visuals from Chennamma Circle.
— ANI (@ANI) September 28, 2020
Farmers' orgs have called a statewide bandh today against #FarmBills (now laws), land reform ordinances, amendments to APMC & labour laws pic.twitter.com/BLalQTAiVJ