फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   FAO Report Climate Change Human Activities soil health 90 percent under threat in 25 years

Report: 25 साल में 90 फीसदी मिट्टी का हो सकता क्षरण, जलवायु परिवर्तन और मानवजनित गतिविधियों के कारण बढ़ी चिंता

Mon, 09 Dec 2024 06:10 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 09 Dec 2024 06:10 AM IST
सार

जलवायु परिवर्तन और मानवजनित गतिविधियों के कारण मिट्टी का लगातार क्षरण हो रहा है। वर्तमान में हर पांच सेकंड में फुटबॉल मैदान के बराबर मिट्टी का क्षरण हो रहा है। इसके कारण  फसल की उपज में 50 फीसदी तक की हानि हो सकती है। 

विज्ञापन
FAO Report Climate Change Human Activities soil health 90 percent under threat in 25 years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मात्र दो से तीन सेमी मिट्टी तैयार करने में 1000 सालों तक का समय लग सकता है। जलवायु परिवर्तन, जंगलों के काटे जाने, खनन और आधुनिक कृषि जैसे कारणों से पृथ्वी की 33 फीसदी मिट्टी का पहले ही क्षरण हो चुका है। यदि मिट्टी के टिकाऊ प्रबंधन की ओर ध्यान न दिया गया तो अनुमान है कि 2050 तक 90 फीसदी तक मिट्टी क्षरित हो सकती है।

विज्ञापन


यह जानकारी खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की एक रिपोर्ट में सामने आई है। एफएओ के अनुसार हमारे भोजन का 95 फीसदी हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मिट्टी से आता है। इसके अलावा वे पौधों के लिए आवश्यक 18 प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले रासायनिक तत्वों में से 15 की आपूर्ति करते हैं। यह पौधों को बढ़ने और पनपने के लिए आवश्यक पोषक तत्व, पानी, ऑक्सीजन और जड़ों को सहारा प्रदान करती है। जलवायु परिवर्तन और मानवजनित गतिविधियों के कारण मिट्टी का लगातार क्षरण हो रहा है। वर्तमान में हर पांच सेकंड में फुटबॉल मैदान के बराबर मिट्टी का क्षरण हो रहा है। इसके कारण  फसल की उपज में 50 फीसदी तक की हानि हो सकती है। मिट्टी का क्षरण और कटाव प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ता है। इस वजह से सभी प्रकार के जीवन के लिए जल की उपलब्धता कम होती है और भोजन में विटामिन और पोषक तत्वों का स्तर कम होता है।
विज्ञापन


स्वस्थ मिट्टी ही सेहतमंद भविष्य का आधार
रिपोर्ट के अनुसार मिट्टी हमारे अस्तित्व के लिए जरूरी है क्योंकि यह पृथ्वी पर जीवन के लिए एक मूलभूत संसाधन है। यह कई परतों से बनी है, जिसमें कार्बनिक परत, ऊपरी मिट्टी, उप-मिट्टी और आधारशिला शामिल हैं। मिट्टी कई अलग-अलग रंगों की होती है जिसमें लाल, भूरी, पीली, काली और धूसर हैं। इनकी अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। जब यह स्वस्थ होती है तो यह मनुष्यों को बीमारियों से लड़ने वाले एंटीबायोटिक्स प्रदान करती है, पोषक तत्व प्रदान करती है जो हमारी फसलों को पोषण देते हैं और इसका आत्मनिर्भर चक्र दशकों तक पुनर्जीवित हो सकता है। स्वस्थ मिट्टी कार्बन सिंक के रूप में कार्य करके जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद करती है। इसका अर्थ है कि यह कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों (जीएचजी) की विशाल मात्रा को संग्रहीत करती है अन्यथा वे वातावरण में घुल मिल सकती हैं। वास्तव में मिट्टी महासागर के बाद दूसरा सबसे बड़ा कार्बन सिंक है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed