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दिल्ली: हिंसा में मारे गए हेड कांस्टेबल रतनलाल के परिजनों को मिलेगी 1 करोड़ की मदद !
Tue, 25 Feb 2020 05:39 PM IST
Mohit Mudgal
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 25 Feb 2020 05:39 PM IST
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शहीद हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की हिंसा में सोमवार को मारे गए पुलिस हवलदार रतनलाल के परिजनों को दिल्ली सरकार एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान कर सकती है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि इस बाबत जल्द ही पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें यह सूचना देंगे।
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बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने अपने पिछले कार्यकाल में यह स्कीम शुरु की थी। दिल्ली पुलिस का कोई जवान अपनी ड्यूटी के दौरान शहीद हो जाता है तो उसे एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। दो साल पहले केजरीवाल ने पाकिस्तान की सीमा पर मारे गए सीमा सुरक्षा बल के जवान नरेंद्र सिंह के परिवार को भी 1 करोड़ का चेक सौंपा था।
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केजरीवाल सरकार अभी तक दिल्ली पुलिस के कई जवान, जो कि ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए, उनके परिजनों को आर्थिक मदद दे चुकी है। यहां तक कि पिछले कार्यकाल में जब दिल्ली सरकार ने एक शहीद पुलिसकर्मी के परिवार को यह आर्थिक मदद दी तो आप विधायकों ने इस पर ऐतराज जताया था। विधायकों की दलील यह थी कि दिल्ली पुलिस, मुख्यमंत्री केजरीवाल की सुरक्षा करने में असफल रही है, इसलिए इस मदद का कोई औचित्य नहीं बनता।
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उस वक्त केजरीवाल पर दो साल में चार बार हमला हुआ था। केजरीवाल पर एक व्यक्ति पर हमला करने का प्रयास किया तो दूसरे ने दिल्ली सचिवालय के बाहर उनके चेहरे पर लाल मिर्च पाउडर डालने की कोशिश की।
उस दौरान विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि कई विधायकों ने दिल्ली सरकार से उन विभागों की सूची में से दिल्ली पुलिस को बाहर करने की मांग की है, जिन्हें 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। भाजपा दिल्ली पुलिस को टिशू पेपर की तरह मानती है, उनके सांसद मनोज तिवारी उपहास करते हैं और अपने अधिकारियों को थप्पड़ मारते हैं। दिल्ली सरकार की नीति में सैन्य, अर्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस के कर्मियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देने का प्रावधान है, जो ड्यूटी पर मारे जाते हैं।