फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Family Dynasty: Madhya Pradesh BJP leaders are upset over PM Narendra Modi decision not to give MLA tickets to MP sons in Uttar Pradesh elections

मध्यप्रदेश: पीएम मोदी का यह फैसला उड़ा रहा भाजपा नेताओं की नींद, उत्तर प्रदेश चुनाव में दिख चुका है इसका असर

Tue, 29 Mar 2022 07:35 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Tue, 29 Mar 2022 07:35 PM IST
सार

पार्टी के एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने अमर उजाला से चर्चा में कहा कि कांग्रेस के अलावा विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों को घेरने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग हर चुनाव में परिवारवाद को मुद्दा बनाया है। इसका असर यह हुआ कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को देशभर में बड़ा नुकसान हुआ। साथ ही उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी तो बिहार में राष्ट्रीय जनता दल को भी परिवारवाद के मुद्दे से नुकसान उठाना पड़ा...

विज्ञापन
Family Dynasty: Madhya Pradesh BJP leaders are upset over PM Narendra Modi decision not to give MLA tickets to MP sons in Uttar Pradesh elections
एमपी के नेताओं के साथ पीएम मोदी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

चार राज्यों में भगवा परचम फहराने के बाद भाजपा अगले मिशन में जुट गई है। पार्टी ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात के साथ मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। इन राज्यों में भी पार्टी उसी रणनीति के तहत काम करेगी जो उत्तर प्रदेश चुनावों में अपनाई गई थी। इसमें सबसे अहम सांसद पुत्रों को विधायकी का टिकट नहीं दिए जाने वाले जैसे सख्त निर्णय भी शामिल हैं।

विज्ञापन


विधानसभा चुनावों में मिली बड़ी जीत के पीछे पीएम नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद को बढ़ावा न देने को भाजपा की उपलब्धि करार दिया है। वह कह चुके हैं कि कई सांसद पुत्रों के टिकट उन्होंने खुद काटे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में पार्टी के दिग्गजों पर अपनी राजनीतिक विरासत पुत्रों को सौंपने की मंशा पर संकट गहरता हुआ नजर आ रहा है। अब तक लगभग नौ नेता अपने बच्चों के लिए जमीन भी तैयार कर चुके हैं। चुनाव में मौका देकर परीक्षण होना ही शेष है। यदि परिवारवाद पर ब्रेक लगाने का असर टिकट वितरण पर दिखाई दिया, तो इन दिग्गजों और उनके पुत्रों के लिए बड़ी मुश्किल हो सकती है।

विज्ञापन

इन नेता पुत्रों को आ सकती है दिक्कत

साल 2023 में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस के 15 महीने को छोड़ दिया जाए, तो करीब दो दशक से भाजपा ही सरकार में है और संगठन पीढ़ी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में कई दिग्गजों को उनकी अपेक्षा के मुताबिक अवसर नहीं मिले और कई ऐसे दिग्गज हैं, जो अपने परिजनों को राजनीतिक विरासत सौंपने के लिए भरपूर तैयारी कर चुके हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का संदेश उन दिग्गज नेताओं की चिंताएं बढ़ा रहा है, जिन्होंने अपने परिजनों के लिए पहले से तैयारी कर रखी है।

विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें सीएम शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन सिंधिया, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र देवेंद्र सिंह तोमर, मध्यप्रदेश शासन में मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव, मंत्री कमल पटेल के बेटे सुदीप पटेल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा के बेटे तुष्मुल झा, भाजपा के कद्दावर नेता गौरीशंकर शेजवार के बेटे मुदित शेजवार, गौरीशंकर बिसेन की पुत्री मौसम बिसेन और पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया के नाम शामिल हैं।

हर चुनाव में परिवारवाद को मुद्दा बनाया

पार्टी के एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने अमर उजाला से चर्चा में कहा कि कांग्रेस के अलावा विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों को घेरने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग हर चुनाव में परिवारवाद को मुद्दा बनाया है। इसका असर यह हुआ कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को देशभर में बड़ा नुकसान हुआ। साथ ही उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी तो बिहार में राष्ट्रीय जनता दल को भी परिवारवाद के मुद्दे से नुकसान उठाना पड़ा। क्षेत्रीय पार्टियां का अधिकांश अपने नेतृत्व वाले परिवारों के इर्द-गिर्द होता है। जबकि भाजपा में ऐसा बिल्कुल नहीं हैं



उन्होनें आगे कहा कि अगले दो सालों में देश के प्रमुख बड़े राज्यों सहित लोकसभा के चुनाव होने हैं। विकास कार्यों और मोदी लहर के आगे कोई भी चुनाव अब कठिन नहीं रहा, लेकिन पार्टी कोई चूक भी नहीं करना चाहती है। इसलिए भाजपा अगले कुछ वर्षों तक परिवारवाद को निशाने पर रखेगी। इस सफल फार्मूले के साथ भाजपा या कहें नरेंद्र मोदी जरा भी समझौता करने के मूड में नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed