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सावधान: स्मार्टफोन के अपडेट का फर्जी संदेश भेज ठगी कर रहे साइबर अपराधी, कंपनियों ने यूजर्स को किया आगाह
Wed, 22 Apr 2026 05:11 AM IST
Nirmal Kant
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Wed, 22 Apr 2026 05:11 AM IST
सार
केरल पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी अब फर्जी फोन अपडेट का संदेश भेजकर यूजर्स को निशाना बना रहे हैं, जिनके जरिये मालवेयर इंस्टॉल कर बैंकिंग और निजी डाटा चुरा लिया जाता है। जालसाज खासकर स्मार्टफोन यूजर्स को 'तुरंत अपडेट' जैसे संदेशों के माध्यम से फंसाते हैं, जिससे फोन पर पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला जाता है। पढ़िए रिपोर्ट-
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
साइबर अपराधी अब स्मार्टफोन फोन को अपडेट करने के बहाने लोगों का निशाना बना रहे हैं। केरल पुलिस ने इस तरह की साइबर ठगी के प्रति खास तौर से वीवो और आईक्यूओ स्मार्टफोन यूजर्स को आगाह किया है। अधिकारियों ने बताया कि जालसाज फर्जी ओरिजिन ओएस अपडेट संदेश भेज कर यूजर्स से मालवेयर इंस्टॉल करवा रहे हैं और फिर बैंकिंग जानकारी समेत उनका संवेदनशील डाटा चोरी कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, फोन यूजर्स को अचानक अर्जेंट सिस्टम अपडेट रिक्वायर्ड जैसे संदेश दिखाई देते हैं। ऐसे संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से आधिकारिक अपडेट के बजाय मालवेयर फाइल डाउनलोड हो जाती हैं। इसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं और कैमरा, माइक्रोफोन, एसएमएस, कॉन्टैक्ट्स सहित अन्य निजी डाटा तक पहुंच बना लेते हैं। उसने बताया कि इस ठगी का मुख्य मकसद लोगों के बैंक खातों से रुपये निकालना है।
पुलिस ने सलाह दी है कि सिस्टम अपडेट केवल फोन की सेटिंग्स में मौजूद आधिकारिक सिस्टम अपडेट विकल्प के जरिये ही करें, न कि ब्राउजर या संदेशों में मिले किसी लिंक के माध्यम से। एक बयान में कहा गया कि यूजर्स ऐसे धमकी भरे संदेशों से भी सावधान रहें, जिनमें दावा किया जाता है कि अपडेट इंस्टॉल न करने पर फोन ब्लॉक कर दिया जाएगा।
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ये भी पढ़ें: नक्सलियों की तर्ज पर मणिपुर में उग्रवादियों की घेराबंदी की तैयारी, CRPF को मिल सकती है जिम्मेदारी
बरतें एहतियात
यदि गलती से फर्जी लिंक पर क्लिक हो जाए तो तुरंत इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दें। सुरक्षा एप से फोन स्कैन करें। संदिग्ध एप्लिकेशन को हटा दें। बैंकिंग और सोशल मीडिया खातों के पासवर्ड किसी सुरक्षित डिवाइस से तुरंत बदलें। nहमेशा फोन में इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्सेज का विकल्प बंद रखें। विश्वसनीय एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।
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पुलिस के मुताबिक, फोन यूजर्स को अचानक अर्जेंट सिस्टम अपडेट रिक्वायर्ड जैसे संदेश दिखाई देते हैं। ऐसे संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से आधिकारिक अपडेट के बजाय मालवेयर फाइल डाउनलोड हो जाती हैं। इसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं और कैमरा, माइक्रोफोन, एसएमएस, कॉन्टैक्ट्स सहित अन्य निजी डाटा तक पहुंच बना लेते हैं। उसने बताया कि इस ठगी का मुख्य मकसद लोगों के बैंक खातों से रुपये निकालना है।
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पुलिस ने सलाह दी है कि सिस्टम अपडेट केवल फोन की सेटिंग्स में मौजूद आधिकारिक सिस्टम अपडेट विकल्प के जरिये ही करें, न कि ब्राउजर या संदेशों में मिले किसी लिंक के माध्यम से। एक बयान में कहा गया कि यूजर्स ऐसे धमकी भरे संदेशों से भी सावधान रहें, जिनमें दावा किया जाता है कि अपडेट इंस्टॉल न करने पर फोन ब्लॉक कर दिया जाएगा।
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बरतें एहतियात
यदि गलती से फर्जी लिंक पर क्लिक हो जाए तो तुरंत इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दें। सुरक्षा एप से फोन स्कैन करें। संदिग्ध एप्लिकेशन को हटा दें। बैंकिंग और सोशल मीडिया खातों के पासवर्ड किसी सुरक्षित डिवाइस से तुरंत बदलें। nहमेशा फोन में इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्सेज का विकल्प बंद रखें। विश्वसनीय एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें।