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ED: फर्जी निदेशकों ने कपूरथला के महाराजा जगतजीत सिंह की मुआफी भूमि बेची, ईडी ने जब्त की मूल समझौते की प्रति

Fri, 22 Aug 2025 06:00 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 22 Aug 2025 06:00 PM IST
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Fake directors sold the muafi land of Maharaja Jagatjit Singh of Kapurthala, ED seized
पीएसीएल मामले में ईडी ने 762 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की - फोटो : ANI

पंजाब के कपूरथला में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी निदेशकों ने कपूरथला राज्य के महाराजा जगतजीत सिंह की मुआफी भूमि बेच दी। इस केस में ईडी ने जब आरोपियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की तो 1933 के मूल समझौते की प्रति बरामद हुई। तलाशी कार्रवाई के दौरान,  वित्तीय सुराग स्थापित करने और कार्यप्रणाली का खुलासा करने वाले आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स गोल्डन संधार मिल्स लिमिटेड (पूर्ववर्ती मेसर्स वाहिद संधार शुगर मिल्स लिमिटेड) और संबंधित संस्थाओं एवं व्यक्तियों से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 20 अगस्त को आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। ईडी ने सतर्कता ब्यूरो, पंजाब पुलिस द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की।
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जांच के दौरान, यह पता चला है कि मेसर्स गोल्डन संधार मिल्स लिमिटेड के निदेशकों और प्रमोटरों ने तत्कालीन कपूरथला राज्य के महाराजा जगतजीत सिंह द्वारा चीनी मिल चलाने के उद्देश्य से आवंटित मुआफी भूमि को अवैध रूप से बेच दिया और गिरवी रख दिया। तलाशी अभियान के दौरान, वित्तीय सुराग स्थापित करने और कार्यप्रणाली का खुलासा करने में महत्वपूर्ण विभिन्न आपत्तिजनक रिकॉर्ड जब्त किए गए, जिनमें तत्कालीन महाराजा जगतजीत सिंह द्वारा किए गए 1933 के मूल समझौते की प्रति शामिल है। जब्त किए गए डॉक्यूमेंट में, बाद के समझौते और उससे जुड़े अन्य दस्तावेज भी शामिल हैं। ये सभी दस्तावेज, फर्जी निदेशकों की संलिप्तता का संकेत देते हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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