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मोदी सरकार ने कर्मचारियों को दी चेतावनी, सरकार के खिलाफ मुंह खोला तो होगी कड़ी कार्रवाई
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Mon, 10 Oct 2016 05:14 AM IST
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केंद्र ने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि अगर वे सरकार या उसकी नीतियों की आलोचना करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। भारतीय राजस्व सेवा (सीमाकर एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के अधिकारियों एवं अखिल भारतीय केंद्रीय उत्पाद शुल्क राजपत्रित कार्यकारी अधिकारी संघ सहित अन्य के गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) में बदलाव का सुझाव देने के बाद यह रुख सामने आया है।
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जीएसटीएन एक निजी कंपनी है जिसे वस्तु एवं सेवा कर और राजस्व सचिव के नेतृत्व वाली जीएसटी परिषद सचिवालय की संरचना के लिए सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचा के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से हाल में जारी एक निर्देश में कहा गया है, ‘हाल में ऐसा देखा गया है कि कुछ संघों या महासंघों ने सरकार और उसकी नीतियाें के प्रतिकूल टिप्पणियां की हैं। सभी संघ या महासंघ यह ध्यान दें कि अगर कोई भी सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना में ही शामिल रहता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई (अनुशासनात्मक कार्रवाई समेत) की जाएगी।’
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इसमें सेवा नियमों का हवाला दिया गया है जिसके मुताबिक किसी भी सरकारी सेवक पर सरकार की किसी नीति या कार्रवाई की प्रतिकूल आलोचना करने पर प्रतिबंध है। मौजूदा नियमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन सेवा संघों का प्राथमिक लक्ष्य इसके सदस्यों की आम सेवा हितों को बढ़ावा देना है। मंत्रालय ने सभी प्रमुख आयुक्तों और संबंधित महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सिर्फ मान्य कर्मचारी संघों को उल्लिखित नियमों का लाभ मिले।
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