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फैबइंडिया: बवाल के बाद बैकफुट पर कंपनी, बोली- जश्न-ए-रिवाज नहीं 'झिलमिल सी दीवाली' है हमारा दीपावली कलेक्शन

Tue, 19 Oct 2021 02:13 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Tue, 19 Oct 2021 02:13 PM IST
सार

फैबइंडिया का कहना है कि वह जल्द ही 'झिलमिल सी दीवाली' दीपावली कलेक्शन लांच करेगी। 

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Fabindia on back foot said Jashn-e-Riwaaz is not a Diwali collection, will be soon launched 'Jhilmil si Diwali' promo
फैब इंडिया ने ट्वीटर पर दिवाली को जश्न-ए-रिवाज बताया - फोटो : social media

विस्तार

कपड़ों के ब्रांड फैबइंडिया के एक प्रमोशनल पोस्ट पर मचे बवाल के बाद कंपनी बैकफुट पर आ गई है। कंपनी का कहना है कि जश्न-ए-रिवाज को दीपावली से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन यह दीपावली से संबंधित नहीं है। कंपनी का कहना है कि वह जल्द ही दीपावली कलेक्शन को लेकर 'झिलमिल सी दीवाली' प्रोमो लांच करेगी। 

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इससे पहले कंपनी द्वारा त्योहारों के कलेक्शन पर जश्न-ए-रिवाज प्रमोशनल लाइन प्रयोग करने पर काफी बवाल मचा था। दक्षिणपंथी गुटों का कहना था कि हिंदू त्योहार में जानबूझकर मुस्लिम विचारधारा को जोड़ा जा रहा है। इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। कंपनी ने इसको लेकर नौ अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट भी किया था, जिसके बाद कंपनी के उत्पादों का बहिष्कार करने की मांग सोशल मीडिया पर की गई। 
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कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी का प्रमोशनल कैप्सूल 'जश्न-ए-रिवाज' भारतीय परंपरा के लिए था। इसका दीपावली से कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, बवाल बढ़ने के बाद कंपनी ने उस जश्न-ए-रिवाज वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया था। 
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भाजपा ने किया था कड़ा विरोध 
कंपनी द्वारा जश्न-ए-रिवाज वाले ट्वीट का भाजपा ने कड़ा विरोध किया था। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने लिखा था कि दिवाली जश्न-ए-रिवाज नहीं हैं, कंपनी की ओर से जानबूझकर यह दुस्साहस भरा कदम उठाया गया है। फैब इंडिया को इसका आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। वहीं भाजपा यूपी के प्रवक्ता प्रशांत उमरांव ने भी फैब इंडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि फैब इंडिया के कपड़े बहुत महंगे हैं धोने के बाद बेकार पड़ जाते हैं। लोगों को अब दूसरे ब्रांड में शिफ्ट होने की जरूरत है।

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