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EY Employee Death: 'श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करना जरूरी', ईवाई की महिला कर्मचारी की मौत पर बोले CM विजयन
Mon, 07 Oct 2024 02:20 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवंतपुरम
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 07 Oct 2024 02:20 PM IST
सार
सीएम विजयन ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि देश में आईटी क्षेत्र सहित कुछ क्षेत्रों में कर्मचारियों से लगातार काम कराया जाता है।
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ईवाई कर्मचारी की मौत पर सीएम विजयन
- फोटो : एएनआई
विस्तार
अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) के पुणे कार्यालय में कार्यरत महिला सीए की मौत के बाद काफी बवाल मचा था। अभी भी यह मामला पूरी तरह से थमा नहीं है। अब केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है कि देश के सभी क्षेत्रों में श्रम कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए।
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'कर्मचारियों को दी जाती है धमकी'
सीएम विजयन ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि देश में आईटी क्षेत्र सहित कुछ क्षेत्रों में कर्मचारियों से लगातार काम कराया जाता है। साथ ही उन्हें बर्खास्तगी की धमकी और श्रम अधिकारों से वंचित किया जाता है।
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क्या है ईवाई मामला?
26 वर्षीय अन्ना सेबेस्टियन पेरायिल की कथित तौर पर जुलाई में काम के तनाव के कारण मृत्यु हो गई थी। वह पुणे में चार महीने पहले ही फर्म में शामिल हुई थीं। उसकी मां ने ईवाई इंडिया के चेयरमैन राजीव मेमानी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि कार्यभार और काम के बढ़े हुए घंटों के कारण उनकी बेटी के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। हालांकि, कंपनी ने आरोपों से इनकार कर दिया था।
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सीएम ने क्या कुछ कहा?
मुख्यमंत्री आज सेबेस्टियन की मौत के संबंध में सदन में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि देश के सभी क्षेत्रों में श्रम कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया की आईटी पार्कों में काम करने वाली कंपनियों के साथ समझौते में साफतौर पर कहा गया है कि राज्य में सभी श्रम कानूनों का पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'अगर इन शर्तों का पालन नहीं किया जाता है तो कर्मचारी मौजूदा कानूनी प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। हालांकि कोरोना महामारी के दौरान अधिक कंपनियों ने वर्क-फ्रॉम-होम प्रणाली पेश की, लेकिन मौजूदा श्रम कानूनों में इसकी समय सीमा का उल्लेख नहीं है।'
विजयन ने यह भी कहा कि प्रस्ताव में उठाई गई चिंताओं को केंद्र सरकार के ध्यान में लाया जाएगा।