फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Extension of scientist behind 'Project Cheetah' withdrawn, Ministry official says he'd retired

Cheetah Project: 'प्रोजेक्ट चीता' से जुड़े वैज्ञानिक का घटाया कार्यकाल, सरकार ने दो साल का दिया था एक्सटेंशन

Wed, 01 Mar 2023 11:59 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 01 Mar 2023 11:59 AM IST
सार

सरकार के नए आदेश के अनुसार इस साल 28 फरवरी से झाला रिटायर हो गए हैं। मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि झाला की तत्काल सेवानिवृत्ति से होने वाली वेकेंसी को वैज्ञानिकों की भर्ती की चल रही प्रक्रिया के जरिए भरा जाएगा।

विज्ञापन
Extension of scientist behind 'Project Cheetah' withdrawn, Ministry official says he'd retired
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ वैज्ञानिक वाई वी झाला (बीच में) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्यावरण मंत्रालय ने मंगलवार को प्रसिद्ध जीव विज्ञानी और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के डीन वाई वी झाला के कार्यकाल को एक साल के लिए कम कर दिया है। 28 फरवरी 2022 को उनकी सेवानिवृत्ति पर सरकार ने दो साल का सेवा विस्तार दिया था। अब पुराने आदेश को वापस लेते हुए झाला के सेवा विस्तार को एक साल के लिए कम कर दिया गया है। मतलब सरकार के नए आदेश के अनुसार इस साल 28 फरवरी से झाला रिटायर हो गए हैं। मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया है कि झाला की तत्काल सेवानिवृत्ति से होने वाली वेकेंसी को वैज्ञानिकों की भर्ती की चल रही प्रक्रिया के जरिए भरा जाएगा।
विज्ञापन


कौन हैं डॉ. वाई वी झाला? 
वाई वी झाला प्रसिद्ध जीव विज्ञानी हैं और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के डीन रह चुके हैं। 2009 से लगातार वह केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के साथ काम कर रहे थे। बताया जाता है कि सरकार की महत्वाकांक्षी चीता परियोजना के लिए तकनीकी आधार भी झाला ने ही तैयार किया था। संरक्षणवादी एम के रंजीत सिंह के नेतृत्व में 2010 में गठित चीता टास्क फोर्स के भी वह सदस्य थे। रिपोर्ट के मुताबिक नामीबिया से चीतों के पहले जत्थे को भारत लाने के कुछ दिनों बाद सितंबर 2022 में झाला को सरकार की नई चीता टास्क फोर्स से हटा दिया गया था।
विज्ञापन


झाला ने क्या कहा? 
सेवा विस्तार का आदेश सरकार की तरफ से वापस लिए जाने पर झाला का भी बयान आया है। एएनआई से बातचीत में झाला ने कहा, 'चीता प्रोजेक्ट पूरी तरह से मेरा था और सरकार उसकी संरक्षक थी। सरकार जो चाहे कर सकती है। हम इसके बारे में क्या कर सकते हैं? कल शाम मुझे बताया गया कि मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है। सरकार ने मुझे तत्काल रिटायर करने का कोई कारण नहीं बताया।'
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, झाला के दावों का विरोध करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि 'प्रोजेक्ट चीता' मध्य प्रदेश सरकार और डब्ल्यूडब्ल्यूआई के सहयोग से केंद्र सरकार ने शुरू किया। यह प्रोजेक्ट किसी एक व्यक्ति के द्वारा संचालित नहीं है। झाला उन वैज्ञानिकों में से एक थे, जो इस प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे थे। 


अधिकारी ने ये भी कहा कि झाला पहले ही रिटायर हो चुके हैं। उन्हें सेवा विस्तार दिया गया था, जिसे सरकार ने अब वापस ले लिया है। ऐसे में सरकार पर किसी तरह का आरोप लगाना गलत है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed