{"_id":"6173bdb293bab73566671bc7","slug":"expert-says-there-is-no-reduction-in-the-death-rate-of-covid-19-infected-in-india-need-to-increase-vaccination-news-and-update","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशेषज्ञ बोले: भारत में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बेहद कम, लेकिन मृत्यु दर में भी नहीं आ रही कमी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
विशेषज्ञ बोले: भारत में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बेहद कम, लेकिन मृत्यु दर में भी नहीं आ रही कमी
Sat, 23 Oct 2021 01:15 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:15 PM IST
सार
जाने-माने विषाणु वैज्ञानिक शाहिद जमील का कहना है कि भारत में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर लंबे समय से 1.2 बनी हुई है। उधर, ब्रिटेन में कोरोना फिर खतरनाक हो रहा है। इसलिए वैक्सीनेशन की रफ्तार और तेज करने की जरूरत है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : prayagraj
विस्तार
ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में कोरोना फिर से भयावह रूप धारण कर रहा है। ब्रिटेन में तो कोरोना का नया वैरिएंट सामने आया है और यह बहुत तेजी से संक्रमण फैला रहा है। आलम यह है कि बीते कई दिनों से वहां पर 45 हजार के आसपास प्रतिदिन कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं। ऐसे में भारतीय वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि भारत को फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
तीसरी लहर की आशंका कम
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक भारत में कोरोना का नया वैरिएंट सामने नहीं आता और यहां लोगों में बनी प्रतिरक्षा को चुनौती नहीं देता, तब तक भारत में तीसरी लहर की संभावना न के बराबर है। अगर, तीसरी लहर आएगी भी तो इसका असर कम ही होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि महामारी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और ब्रिटेन में फैल रहा कोरोना यह बताता है कि हमें सावधान होने की जरूरत है।
विज्ञापन
मृत्यु दर कम करने की जरूरत
भले ही कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी आई हो। संक्रमितों की संख्या 40,000 से घटकर 15 हजार प्रतिदिन हो गई हो, लेकिन भारत में मृत्यु दर अभी भी स्थिर है। वैज्ञानिक शाहिद जमील ने पीटीआई को बताया कि भारत में मृत्यु दर 1.2 बनी हुई है और यह काफी दिनों से स्थिर है। यह आंकड़ा बताता है कि हमें वैक्सीनेशन की रफ्तार और भी बढ़ाने की जरूरत है।
विज्ञापन
टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत
विषाणु वैज्ञानिक शाहिद जमील ने बताया कि त्योहारी सीजन और दीपावली से पहले भारत में कोरोना के आंकड़े राहत दे रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम एहतियात बरतना बंद कर दें। उन्होंने भारत के 100 करोड़ टीकाकरण की सराहना की। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसे और तेजी से बढ़ाए जाने की जरूरत है।