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Electricity Price: दिल्ली में किसे लगेगा महंगी बिजली का करंट? भाजपा-कांग्रेस ने 'आप' को घेरने की बनाई रणनीति
Tue, 27 Jun 2023 10:32 AM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 27 Jun 2023 10:32 AM IST
सार
भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा कि पीपीएसी हर बिजली उपभोक्ता को देना पड़ता है। दिल्ली में पहले यह 22 फीसदी था। अब इसे 29 फीसदी कर दिया गया है। जून 2022 में 16 फीसदी से जब 22 फीसदी पीपीएसी किया गया था। लेकिन इसे कम नहीं किया गया।
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दिल्ली में बिजली 10 प्रतिशत महंगी हो गई है। इस पर राजनीति तेज हो गई है। दिल्ली सरकार ने बिजली महंगी करने का आरोप केंद्र सरकार पर लगाया है। सरकार का कहना है कि बिजली कंपनियों को महंगा कोयला खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है जिसके कारण उन्हें बिजली का उत्पादन महंगा पड़ रहा है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर बिजली कंपनियों से सांठगांठ करने का आरोप लगाया है। दोनों ही पार्टियों ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। फिलहाल, दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ ले रहे उपभोक्ताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
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दिल्ली सरकार ने क्या कहा?
बिजली महंगी होने के मामले पर दिल्ली सरकार में ऊर्जा मंत्री आतिशी सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिजली कंपनियों को महंगा कोयला खरीदने के लिए बाध्य कर रही है। इसके कारण उन्हें बिजली दरों में वृद्धि करनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार डीईआरसी द्वारा निर्धारित टैरिफ से 50% तक ज्यादा कीमतों पर दिल्ली को बिजली बेच रही है। इसी कारण दिल्ली वालों को बढ़े हुए पीपीएसी दरों का करना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि देश में घरेलू कोयले की कीमत लगभग 2000 रूपये प्रति टन है। जबकि केंद्र सरकार बिजली कंपनियों को लगभग 10 प्रतिशत आयातित कोयला खरीदने पर बाध्य कर रही है जो 25,000 रुपये प्रति टन की दर से आ रहा है। इससे बिजली महंगी हो रही है।
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उन्होंने कहा कि टीपीडीडीएल उपभोक्ताओं के जून और जुलाई के बिलों में 1.2% की बढ़ोतरी होगी। बीएसईएस राजधानी उपभोक्ताओं के बिलों में 5.5% और बीएसईएस यमुना उपभोक्ताओं के बिलों में 7.7% की बढ़ोतरी होगी, लेकिन इससे उन उपभोक्ताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा जिनका बिल जीरो आता है। दिल्ली में बिजली के कुल घरेलू उपभोक्ताओं में से 29% टीपीडीडीएल उपभोक्ता, बीएसईएस राजधानी के 45% उपभोक्ता और बीएसईएस यमुना के 26% उपभोक्ता हैं।
भाजपा ने लगाया आरोप
भाजपा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसा वसूला जा रहा है। सरकार ने गर्मी में बिजली महंगी मिलने के आधार पर जून 2022 में 16 फीसदी से जब 22 फीसदी पीपीएसी में बढ़ोतरी की थी। कायदे से ठंड और बारिश के महीने में मांग में कमी आने के कारण इसे कम कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन आरोप है कि इसमें कोई कमी नहीं की गई। भाजपा ने कहा है कि यदि अरविंद केजरीवाल सरकार इस बढ़े हुए अतिरिक्त शुल्क को वापस नहीं लेती तो वह सड़कों पर इस लड़ाई को ले जाएगी।
भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा कि पीपीएसी हर बिजली उपभोक्ता को देना पड़ता है। दिल्ली में पहले यह 22 फीसदी था। अब इसे 29 फीसदी कर दिया गया है। जून 2022 में 16 फीसदी से जब 22 फीसदी पीपीएसी किया गया था। लेकिन इसे कम नहीं किया गया।