Polls: 'भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है, लेकिन उसे सरकार बनाने लायक सीटें पाने से रोकना संभव', थरूर का दावा
Polls: तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि आगामी आम चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। लेकिन, उसे सरकार बनाने लायक सीटें पाने से रोका जा सकता है। उनका कहना है कि राजग के सहयोगी विपक्षी गठबंधन का समर्थन कर सकते हैं।
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आगामी लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आ सकती है। लेकिन, सरकार बनाने के लिए उसकी सीटों की संख्या इतनी कम हो सकती हैं कि उसके सहयोगी उसका समर्थन करने को तैयार न हों। इसके बजाय, विपक्षी गठबंधन का समर्थन करने को तैयार हों। यह बात कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को केरल साहित्य समारोह (केएलएफ) में कही।
कम की जा सकती हैं भाजपा की सीटों की संख्या: थरूर
थरूर ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, भारत विविधताओं भरा देश है और वह उस स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जहां राज्यों में सौ फीसदी सहमति नहीं है। उन्होंने आगे कहा, मुझे अब भी लगता है कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी। लेकिन, उनकी सीटों की संख्या को उस स्तर तक कम किया जा सकता है, जहां सरकार बनाने के लिए उसके सहयोगी उनकी मदद नहीं करना चाहेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, हो सकता है कि वह हमारा सहयोग करने को तैयार हों। इसलिए, हमें इस चीज को भी आजमाना होगा।
विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे की चुनौती
कांग्रेस नेता ने 'इंडिया: द फ्यूचर' संत्र के दौरान विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के दलों के बीच सीट बंटवारे की चुनौती के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जितने संभव हो उतने राज्यों में पर्याप्त सहमति होगी। ताकि, हार से बचा जा सके। 'इंडिया' में 28 विपक्षी दल शामिल हैं।राजनयिक से नेता बने थरूर ने आगे कहा, जहां एक राज्य में सभी विपक्षी दलों के बीच एक उम्मीदवार खड़ा करने पर सहमति हो सकती है। वहीं, दूसरे राज्य में दो या तीन उम्मीदवार हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में मतदाता को उस व्यक्ति को चुनना होगा, जिसे वह समझता है कि वह उनका सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व करेगा।
सीट बंटवारे पर हर राज्य में अलग परिस्थिति
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सीट बंटवारे को लेकर दो पड़ोसी राज्यों केरल और तमिलनाडु का उदाहरण दिया और बताया कि कैसे अलग-अलग राज्यों में सीट बंटवारे की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। उन्होंने कहा कि केरल में इस बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती है कि यहां इंडिया गठबंधन के दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल माकपा और कांग्रेस कभी सीट बंटवारे पर सहमत होंगे। लेकिन, ठीक बगल तमिलनाडु में भाकपा, माकपा, कांग्रेस और द्रमुक सभी गठबंधन कर रहे हैं और वहां इस पर कोई बहस, विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी चुनाव एक साथ लड़ चुके हैं। इसलिए, इस बात की संभावना है कि वे यह चुनाव भी साथ लड़ेंगे।
'अपने क्षेत्र से सबसे अच्छे व्यक्ति को दें वोट'
थरूर के मुताबिक, देश के लोगों को यह याद दिलाना जरूरी है कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र से सबसे अच्छे व्यक्ति को वोट दें। उन्होंने कहा, मोदी-मोदी का नारा लगाने वालों को पता होना चाहिए कि उन्हें केवल वाराणसी के लोग ही वोट दे सकते हैं। हर किसी को अपने इलाके से सबसे अच्छे उम्मीदवार को चुनना होगा, जो उन्हें लगता है कि उनका अच्छा प्रतिनिधित्व कर सकता है और अगर वे (पीएम) मोदी को ही (संसद) भेजने के लिए वोट करना चाहते हैं, तो यह उनकी पसंद है। अगर वे किसी ऐसे व्यक्ति को वोट देना चाहते हैं जो उनके विचार के अनुकूल है, तो यह उनकी पसंद है। प्रधानमंत्री पिछले आम चुनाव में उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट से चुने गए थे।