फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Expansion of BSF power by home ministry still mystrious for oppsition parties as well for BJP MPs also, asking questions in Parliament

बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ने से आशंकित हैं भाजपाई: विपक्षी पार्टियों के गले भी नहीं उतरी बात, संसद में पूछ रहे सवाल

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 11 Dec 2021 06:44 PM IST
सार

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सवाल पूछा कि गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना द्वारा किन-किन राज्यों में बीएसएफ को गिरफ्तारी, तलाशी और जब्त करने संबंधी शक्तियों को बढ़ाया गया है। किन अधिनियमों के अंतर्गत अधिकार क्षेत्र को बढ़ाया गया है...

विज्ञापन
Expansion of BSF power by home ministry still mystrious for oppsition parties as well for BJP MPs also, asking questions in Parliament
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने को लेकर भाजपाई खासे आशंकित हैं। दूसरी ओर, यह आदेश कांग्रेस एवं दूसरी विपक्षी पार्टियों के गले भी नहीं उतर रहा। कई पार्टियों के सांसद, इस मुद्दे पर सदन में सवाल पूछ रहे हैं। भाजपा सांसद जानना चाहते हैं कि किन अधिनियमों के अंतर्गत बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाया गया है। राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। कांग्रेस और टीएमसी के सांसद पूछते हैं कि भारत से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने से पहले राज्यों के साथ कोई परामर्श किया गया है। क्या केंद्र सरकार, इस संबंध में राज्यों द्वारा उठाई गई वास्तविक चिंताओं और आपत्तियों पर गौर करेगी, कोई सुधारात्मक कार्रवाई होगी, मौजूदा संसद के सत्र में विभिन्न दलों के सांसद यह ब्यौरा मांग रहे हैं।

विज्ञापन

सुशील मोदी बोले, क्या राज्य पुलिस पर प्रभाव पड़ेगा

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सवाल पूछा कि गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना द्वारा किन-किन राज्यों में बीएसएफ को गिरफ्तारी, तलाशी और जब्त करने संबंधी शक्तियों को बढ़ाया गया है। किन अधिनियमों के अंतर्गत अधिकार क्षेत्र को बढ़ाया गया है। कुछ राज्यों में शक्तियां बढ़ा दी गई हैं, तो गुजरात में शक्तियां कम किए जाने का क्या कारण है। इतना ही नहीं, सुशील मोदी ने यह भी पूछ लिया कि राज्य पुलिस पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देते हुए बताया, असम, पंजाब और पश्चिम बंगाल में पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 और दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 41 (1), 47, 51 (1), 52, 100, 131, 149, 150, 151, व 152 के तहत बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाया गया है। कुछ राज्यों में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में विस्तार करने का उद्देश्य, राष्ट्र हित की विरोधी ताकतों द्वारा हथियारों, नशीले पदार्थों, जाली भारतीय मुद्रा नोटों की निगरानी और तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे लंबी रेंज वाले दूर से संचालित नैविगेशन उपकरण ड्रोन के खतरों को कम करना है।

विज्ञापन

गुजरात में 80 से 50 किमी क्यों: फिरोज वरुण गांधी

नित्यानंद राय ने बताया, मानवरहित एरियल व्हीकल जैसी प्रौद्योगिकी के उपयोग के मद्देनजर, सीमा सुरक्षा बल को सीमा रक्षा संबंधी अपने दायित्वों को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में समर्थ बनाना है। कई बार तस्कर बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र से बाहर शरण ले लेते हैं। इस संबंध में एकरूपता लाने के लिए असम, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ के दायित्व वाले क्षेत्र में अब 50 किलोमीटर की क्षेत्रीय सीमा रखी गई है। इससे राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इसके परिणामस्वरुप, राज्य पुलिस के साथ मिलकर और उनके सहयोग से सीमापार के अपराधों पर बेहतर व अधिक प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा। भाजपा सांसद फिरोज वरुण गांधी ने पूछा, इस अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने का औचित्य क्या है। गुजरात में अधिकार क्षेत्र को 80 किलोमीटर से घटाकर 50 किलोमीटर क्यों कर दिया गया। टीएमसी सांसद सजदा अहमद ने पूछा, क्या सरकार, पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 50 किलोमीटर तक बढ़ाने के निर्णय को वापस लेगी। क्या केंद्र सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने से पहले संबंधित राज्य सरकारों से विचार विमर्श किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या बीएसएफ का अपने मुख्य दायित्व से ध्यान हटेगा

टीएमसी सांसद सजदा अहमद ने अपने एक ही सवाल में कई बातें सदन में रखी। उन्होंने पूछा, सरकार द्वारा राज्य पुलिस को सशक्त करने और सीमा पार से आने वाले अपराधियों पर रोक लगाने के लिए सीमावर्ती जिलों में आसूचना के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। क्या सरकार ने यह आकलन किया है कि सघन आबादी वाले सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि करने से बीएसएफ का अपने मुख्य दायित्व से ध्यान हट जाएगा। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, सीमा सुरक्षा बल अधिनियम 1968 की धारा 139 (1) (i) केंद्र सरकार को किसी भी केंद्रीय अधिनियम के संबंध में, उसमें निर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए, बल के सदस्यों को शक्तियां और ड्यूटी सौंपने की शक्ति प्रदान करती है। बीएसएफ के प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र में विस्तार के परिणामस्वरूप, राज्य पुलिस के साथ मिलकर और उनके सहयोग से सीमा पार अपराधों को बेहतर तथा अधिक प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा।

राज्य पुलिस और बीएसएफ के बीच झड़प की संभावना

कांग्रेस के लोकसभा सदस्य रवनीत सिंह, टीएमसी के सौगत राय और कांग्रेस पार्टी के सांसद दीपक बैज ने पूछा, क्या विशेषज्ञों ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी के कारण राज्यों की कानून व्यवस्था में केंद्र के बढ़ते हस्तक्षेप और बीएसएफ व राज्य पुलिस प्रशासन के बीच झड़पों की संभावना पर आशंका व्यक्त की है। क्या सरकार के इस फैसले का राज्य सरकारों ने विरोध किया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, पश्चिम बंगाल सरकार और पंजाब सरकार ने यह आशंका व्यक्त की है कि इस प्रकार के कदम से राज्य सरकारों की शक्तियों का अतिक्रमण हो सकता है। उनकी आशंकाएं निराधार हैं। बीएसएफ के प्रादेशिक अधिकार क्षेत्र में विस्तार के परिणामस्वरूप, राज्य पुलिस के साथ मिलकर और उनके सहयोग से सीमा पर अपराधों को बेहतर एवं अधिक प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed