Exclusive: यासीन मलिक की पत्नी ने रची इस्लामाबाद से कश्मीर के लिए बड़ी आतंकी साजिश! खुफिया एजेंसियां हुईं सचेत
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विस्तार
आने वाले रविवार यानी 14 मई को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के कश्मीरी आतंकी यासीन मलिक की पत्नी मुशाल ने भारत के खिलाफ माहौल खराब करने की बड़ी साजिश रची है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रची गई इस साजिश में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कुछ आतंकी और उनके संगठनों ने न सिर्फ इसका समर्थन किया है, बल्कि पीओके से बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए पूरा ताना-बाना तक तैयार कर लिया है। भारतीय खुफिया एजेंसियों को पीओके में बैठे आतंकियों से लेकर मुशाल हुसैन मलिक समेत कई अन्य आतंकी संगठनों की फैलाने वाली आतंकी साजिश की टॉप सीक्रेट जानकारी हाथ लग चुकी है। ऐसे में अब इन आतंकियों की हरकतों को नाकाम करने के लिए खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा एजेंसियों ने न सिर्फ इंतजाम कर लिए हैं, बल्कि एक-एक आतंकी और आतंकी संगठन के समर्थकों को चिन्हित कर घाटी में स्लीपर सेल के तौर पर मौजूद आतंकियों और पीओके में बैठे आतंकियों को मॉनिटर किया जा रहा है।
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में जी 20 बैठक के विरोध की आड़ में पाकिस्तान और आईएसआई एक बार फिर से आतंकी मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में लगा हुआ था। खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने इसके लिए जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन और तिहाड़ जेल में बंद आतंकी यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को चुना। मुशाल हुसैन ने इस्लामाबाद में बैठकर पीओके और जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रों में स्लीपर सेल के आतंकियों से लेकर सक्रिय आतंकी संगठनों के लोगों से संपर्क करना शुरू किया। मुशाल हुसैन ने सब कुछ अपने आकाओं के अनुसार ही जी 20 के विरोध के नाम पर फील्डिंग सजानी शुरू की। तय योजना के मुताबिक जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में पाकिस्तान के आतंकी मंसूबों और सीमा पार से बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारियां शुरू कर दीं।
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विरोध-प्रदर्शन के माध्यम से आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बाकायदा पीओके में आतंकी संगठनों को आईएसआई ने पूरा प्लान भी तैयार करके दिया। जानकारी के मुताबिक घाटी में माहौल खराब करने के लिए कश्मीर फ्रीडम मूवमेंट समेत तहरीक-ए-कश्मीर और पशबन-ए-हुर्रियत जैसे संगठनों के बीच में मुशाल हुसैन मलिक और पाकिस्तान की ओर से तैयार किए जाने वाले प्रोपेगेंडा और प्रोटेस्ट की पूरी रूपरेखा तैयार की। इस पूरे मामले में पाकिस्तान की ओर से सबसे पहले पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद स्थित सज्जाद शाहिद प्रेस क्लब बाग में एक गुप्त बैठक का आयोजन किया गया। खुफिया जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 09 मई को आयोजित की गई इस बैठक में तय हुआ कि अलग-अलग दिनों में विरोध प्रदर्शन की आड़ में माहौल खराब किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि इसी कड़ी में सबसे पहले 11 मई यानी कि गुरुवार को शाम साढ़े छह बजे से लेकर रात 9:20 बजे तक ट्विटर रूम के माध्यम से चुनिंदा लोगों को जोड़कर प्रोटेस्टर प्रोपेगेंडा के तहत एक अभियान चलाया गया। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि तकरीबन तीन घंटे तक चली इस पूरी एक्टिविटी पर उनकी निगाहें लगी रहीं। 09 मई को मुजफ्फराबाद के शाहिद प्रेस क्लब बाग में कोई बैठक के अनुसार शुक्रवार यानी 12 मई को रावलाकोट के कचरी चौक पर एक और गुप्त बैठक का प्लान किया गया। यह बैठक दोपहर को दो बजे होनी थी। खुफिया सूत्रों के मुताबिक जुमे की नमाज के बाद यह बैठक पीओके के रावलाकोट स्थित एक गुप्त जगह पर हुई और उसमें अगले कई दिनों का पूरा खाका तैयार किया गया। इसकी आड़ में जम्मू कश्मीर के भीतर माहौल खराब करने की बड़ी साजिश भी तैयार की जा रही थी।
खुफिया एजेंसियों को पाकिस्तान की इस नापाक हरकत की मिली जानकारी के बाद सभी जांच एजेंसियां हरकत में आ गई। फिलहाल सुरक्षा के नजरिए से पाकिस्तान और पीओके में बैठे आतंकियों समेत मुशाल हुसैन मलिक की उन सभी योजनाओं पर पानी फिर गया, जिसके माध्यम से वह न सिर्फ घाटी बल्कि पीओके से माहौल खराब करने की बड़ी आतंकी साजिश रच रही थी। जानकारी के मुताबिक विरोध के नाम पर ऑनलाइन हैशटैग ट्रेंड कराने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर प्रोटेस्ट के नाम का पूरा प्रोपेगेंडा फैलाने की भी योजना बनाई गई। इसमें कनाडा में बैठे हुए कुछ संगठनों ने भी माहौल खराब करने की पूरी कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक जस्टिस फॉर ऑल कनाडा के नाम से बनाए गए फेसबुक पेज और टि्वटर हैंडल से भारत के विरोध में कई और अभियान भी चलाए गए। इसके अलावा खुफिया एजेंसियों के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक राणा एम लियाकत, लियाकत अली, हिना कश्मीरी, हाफिज हमजा, खालिद पीर, सैयद गाजी शाह, अब्दुल वाहिद, अब्दुल रहमान लोन, मनसूर और अली अली जमन समेत कई ऐसे लोगों के फेसबुक अकाउंट समेत टि्वटर और दूसरे अन्य सोशल मीडिया अकाउंट भी मिले, जिस पर जी20 के नाम पर विरोध किया गया। खुफिया एजेंसी के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक तकरीबन 150 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट और लोगों के मोबाइल नंबर है, जिनके माध्यम से माहौल खराब करने की पूरी तैयारी की जा रही है। यह वही मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट हैं, जिनके माध्यम से इससे पहले भी भारत विरोध के कई अभियान चलाए जाते रहे हैं।
घाटी में माहौल खराब करने के लिए यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक की अपील पर पीओके के पशबन-ए-हुर्रियत के चेयरमैन उजैल अहमद गजाली समेत कश्मीर फ्रीडम मूवमेंट के यासीन राणा ने बाकायदा अपने संगठन और घाटी में मौजूद स्लीपर सेल के आतंकियों से आने वाले दिनों में माहौल खराब करने की पूरी योजना भी बनाई। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुशाल हुसैन ने पीओके के पुंछ सेक्टर स्थित धीरकोट, बागसिटी, नीलम वैली और झेलम वैली के साथ-साथ घाटी में बड़े विरोध प्रदर्शन के लिए अपने संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पाकिस्तान से प्रायोजित विरोध की आड़ में किए जाने वाले आतंकी मिशन की एक-एक जानकारी मिल चुकी है। इसी आधार पर सुरक्षा एजेंसियां पहले से न सिर्फ चाकचौबंद हैं, बल्कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करके पाकिस्तान के हर नापाक मंसूबे को फेल करने के लिए मुस्तैद हैं।