फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Exclusive: terrorists have china made steel bullets and Myanmar assault rifles, Manipur police do not have

Exclusive: उपद्रवियों के पास चीनी बुलेट और म्यांमार की असाल्ट राइफल जैसे हथियार, मणिपुर पुलिस के पास भी नहीं

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 28 Jul 2023 06:09 PM IST
विज्ञापन
सार
Manipur: सूत्रों के मुताबिक, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और बिशनपुरा और कई हिल क्षेत्रों में विदेशी हथियारों की मौजूदगी बताई जाती है। स्टील की गोलियां यानी 'आर्मर पियर्सिंग इन्सेंडरी' (एपीआई) का निर्माण चीन में होता है। वहां से ये गोलियां, म्यांमार के रास्ते मणिपुर तक पहुंची हैं...
loader
Exclusive: terrorists have china made steel bullets and Myanmar assault rifles, Manipur police do not have
Manipur violence - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

मणिपुर हिंसा में शामिल उपद्रवियों के पास अच्छी खासी संख्या में विदेशी हथियार होने की बात सामने आ रही है। उपद्रवी समूहों ने इन हथियारों का इस्तेमाल आपसी संघर्ष में करने के अलावा सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में भी किया है। मणिपुर में मौजूद केंद्रीय सुरक्षा बलों के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, उन्हें इस बात का पता तब चला, जब उपद्रवियों की ओर से आई गोली, बुलेटप्रूफ वाहन और जैकेट को भेद गई। बाद में मालूम हुआ कि वह तो स्टील बुलेट थी। इसका इस्तेमाल भारत में किसी भी सुरक्षा बल के द्वारा नहीं किया जाता। दूसरा खुलासा यह हुआ है कि मणिपुर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, पंगेई से उपद्रवियों द्वारा लूटे गए करीब 4500 हथियार और 6.5 लाख कारतूसों में से जो तीस फीसदी हथियार व गोला बारूद वापस जमा हुआ है, उनमें कई जंग लग चुके हथियार भी शामिल हैं। यह एक बड़ी चिंता का विषय है कि उपद्रवियों के हाथ में ऐसे हथियार हैं, जो मणिपुर पुलिस और कमांडो तक के पास में नहीं हैं।

यह भी पढ़ें: Exclusive: मणिपुर भवन में गाड़ियां बता रहीं ऐसे मिल रही ग्राउंड जीरो रिपोर्ट, अचानक बढ़े नेता और अफसरों के दौर

'आर्मर पियर्सिंग इन्सेंडरी' (एपीआई) का इस्तेमाल

सूत्रों के मुताबिक, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और बिशनपुरा और कई हिल क्षेत्रों में विदेशी हथियारों की मौजूदगी बताई जाती है। 3 मई को हिंसा शुरू होने के बाद जब सुरक्षा बलों और उवद्रवियों के बीच मुठभेड़ हुई, तो यह बात पता चली थी। स्टील की गोलियां यानी 'आर्मर पियर्सिंग इन्सेंडरी' (एपीआई) का निर्माण चीन में होता है। वहां से ये गोलियां, म्यांमार के रास्ते मणिपुर तक पहुंची हैं। 2017 में जम्मू कश्मीर में पुलवामा के लेथपोरा में स्थित सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले में भी जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने 'आर्मर पियर्सिंग इन्सेंडरी' का इस्तेमाल किया था। स्टील की गोली का वार झेलने की क्षमता 'लेवल-4' बुलेटप्रूफ कवच में होती है। भारत में आर्मी या किसी अन्य फोर्स में 'आर्मर पियर्सिंग इन्सेंडरी' का इस्तेमाल, गैर-कानूनी है। 'नाटो' ने भी स्टील की गोलियों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। चीन और पाकिस्तान में ये गोलियां प्रयोग में लाई जाती हैं। कुछ समय पहले पुंछ में हुए आतंकी हमले में आतंकियों ने इन्हीं गोलियों का इस्तेमाल किया था। 7.62 एमएम स्टील कोर की गोलियां चीन में बनी थीं।

'लेवल-4' बुलेटप्रूफ कवच ही झेल सकता है

जानकारों के मुताबिक, आर्मर पियर्सिंग इन्सेंडरी की मारक क्षमता तीन सौ मीटर तक रहती है। आतंकी या उपद्रवी समूह इसका इस्तेमाल नजदीकी लड़ाई में भी करते हैं। महज कुछ मीटर की दूरी से एके-47 या इसी सीरिज की किसी दूसरी राइफल से इसका फायर किया जाता है। देश में ज्यादातर बुलेटप्रूफ वाहन, मोर्चा, जैकेट और पटका 'लेवल 3' श्रेणी वाले होते हैं। अगर इन पर स्टील की गोलियां दागी जाती हैं, तो वे आर-पार चली जाती हैं। यानी उसे किसी वाहन, मोर्चा या बुलेटप्रूफ जैकेट पहने व्यक्ति पर चलाते हैं, तो वह उसे भेदते हुए दूसरे सिरे से बाहर निकल जाती है। अभी देश में हर जगह पर 'लेवल-4' बुलेटप्रूफ कवच नहीं है। इस कवच को केवल चुनींदा ऑपरेशनों में ही इस्तेमाल किया जाता है। उपद्रवियों के पास चीन निर्मित 95 सीरिज और टी 20 सीरिज की तरह दिखने वाले हथियार बताए गए हैं। इनके जरिए पांच से दस हजार बुलेट निकाली जा सकती हैं। उपद्रवियों ने मणिपुर पुलिस से जो हथियार लूटे हैं, उनमें एके-47, एमपी 5, इंसास, एम-16, एमएमजी और एलएमजी शामिल हैं। इनके अलावा उनके पास बीए-93 ग्रेनेड राइफल लांचर, MK-I, 5.56 एमएम असॉल्ट राइफल, एमए-11 5.56 एमएम असॉल्ट राइफल और एमए-4, 5.56 एमएम असॉल्ट ग्रेनेड लांचर राइफल जैसे हथियार भी बताए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed