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Exclusive: मणिपुर भवन में गाड़ियां बता रहीं ऐसे मिल रही ग्राउंड जीरो रिपोर्ट, अचानक बढ़े नेता और अफसरों के दौर

Fri, 28 Jul 2023 04:26 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Fri, 28 Jul 2023 04:26 PM IST
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सार
मणिपुर भवन में शुक्रवार को भी बहुत सी सरकारी गाड़ियां मौजूद थीं। नाम न छापने की शर्त पर मणिपुर भवन के एक कर्मचारी ने बताया कि जब से मणिपुर में हालात बिगड़े हैं, तब से स्थानीय अधिकारियों और नेताओं के दौरे खूब दिल्ली के बढ़ गए हैं...
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Exclusive: Vehicles in Manipur Bhawan increased, suddenly increased visits of leaders and officers
Manipur Bhawan - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

दिन शुक्रवार। वक्त दिन में दोपहर करीब डेढ़ बजे के करीब। चाणक्यपुरी स्थित मणिपुर भवन में करीब एक दर्जन गाड़ियों का काफिला अंदर था। सरकारी और प्राइवेट नंबर की इन गाड़ियों के काफिले में यहां पहुंचे हर बड़े अधिकारी और जिम्मेदार महकमे से जुड़े लोगों के पास मणिपुर के ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट और हालातों की पुख्ता जानकारी थी। मणिपुर भवन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने अमर उजाला डॉट कॉम को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीते कुछ दिनों में मणिपुर से दिल्ली आने जाने वाले बड़े अधिकारियों और नेताओं के दौरे खूब बढ़े हैं। बताया गया कि मणिपुर भवन में सामान्य दिनों में इतनी गाड़ियों का लाव लश्कर भी कभी नहीं होता था। वहीं दूसरी ओर मणिपुर भवन से मिली जानकारी के मुताबिक शुरुआती दौर में राज्य के हालात खराब हुए, तो दिल्ली एनसीआर में रहने वालों ने खूब फोन किए थे। फिलहाल अब ऐसी स्थितियां मणिपुर भवन में नहीं हैं।

मणिपुर भवन में खड़ी गाड़ियां बता रहीं खूब बढ़ी है हलचल

मणिपुर भवन में शुक्रवार को भी बहुत सी सरकारी गाड़ियां मौजूद थीं। नाम न छापने की शर्त पर मणिपुर भवन के एक कर्मचारी ने बताया कि जब से मणिपुर में हालात बिगड़े हैं, तब से स्थानीय अधिकारियों और नेताओं के दौरे खूब दिल्ली के बढ़ गए हैं। मणिपुर भवन के भीतर खड़ी गाड़ियों की इशारा करते हुए उक्त कर्मचारी ने कहा कि सामान्य दिनों में इतनी गाड़ियां मणिपुर भवन के अंदर कभी नहीं रहती हैं। उनका कहना है मणिपुर के हालात को लेकर जिस तरीके से अधिकारी कर्मचारी और नेताओं समेत अन्य संबंधित लोग लगातार दिल्ली के संपर्क में बने हुए हैं, इसी वजह से इन सब लोगों की आवाजाही ज्यादा हो गई है। उक्त कर्मचारी ने बताया कि बीते कुछ समय से यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक मणिपुर के अधिकारी लगातार दिल्ली के संपर्क में हैं। ये अधिकारी और जिम्मेदार महकमे में जुड़े हुए लोग दिन प्रतिदिन की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट और होने वाली कार्रवाई से दिल्ली को अवगत भी करा रहे हैं।

पीएमओ को दी जा रही मणिपुर की ग्राउंड रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक मणिपुर के हालात पर प्राइम मिनिस्टर ऑफिस से लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और खुफिया विभाग के मुख्यालयों को लगातार अपडेट मिल रहे हैं। इसके लिए मणिपुर नेताओं का डेलिगेशन लगातार दिल्ली पहुंच रहा है। खासतौर से मणिपुर में वीडियो वायरल होने के बाद जो हालात बने हैं, उसकी पूरी ग्राउंड रिपोर्ट अलग-अलग संचार माध्यमों के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में मणिपुर के अधिकारियों और जिम्मेदार जांच एजेंसियों से जुड़े हैं, लोगों का दिल्ली में लगातार आना जाना अभी बढ़ गया है। शुक्रवार को मणिपुर भवन में मौजूद कई गाड़ियां इस बात की तस्दीक कर रही थीं कि आने-जाने वाले अधिकारी लगातार मणिपुर के हालातों का अपडेट दिल्ली को दे रहे हैं।

शुरुआत के एक महीने खूब बजे फोन, लेते रहे हालात की जानकारी

मणिपुर भवन में तैनात एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब मणिपुर में यह विवाद बढ़ना शुरू हुआ तो 4 और 5 मई की रात से मणिपुर के लोगों के फोन जरूर भवन में आने लगे थे। वह कहते हैं, दरअसल जो लोग दिल्ली और एनसीआर में रहते हैं वह पहले भी लगातार मणिपुर के अधिकारियों और यहां आने-जाने वाले नेताओं के संपर्क में रहते थे। इसके अलावा मणिपुर भवन में होने वाले आयोजनों में भी दिल्ली एनसीआर में रहने वाले मणिपुर के लोग शिरकत करते रहे हैं। इसलिए बहुत से लोग यहां के अधिकारियों के संपर्क में थे। यहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि मणिपुर के स्थानीय लोग पहले भी यहां नहीं रुकते थे। हां, अब कुछ मणिपुर के अधिकारी और स्थानीय नेताओं का दौरा जरूर बढ़ गया है।

या तो लोग मणिपुर चले गए या अपने रिश्तेदारों को यहां बुला लिया

उक्त अधिकारी का कहना है कि जैसे-जैसे मणिपुर में हालात उग्र होते रहे लोग शुरुआती दौर में उनसे संपर्क कर न सिर्फ हालचाल ले रहे थे, बल्कि इसी माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले मणिपुर एसोसिएशन से जुड़े लोग मणिपुर सरकार से अपनी मांग भी कर रहे थे। उनका कहना है कि शुरुआती एक महीने तक जरूर लोगों के फोन आए, लेकिन धीरे-धीरे यह सिलसिला कम हो गया। उनका मानना है कि ऐसा इसलिए भी हुआ या तो ज्यादातर लोग मणिपुर में अपने रिश्तेदारों के पास चले गए या फिर वहां से उन लोगों को सुरक्षित अपने ठिकाने पर दिल्ली एनसीआर ले आए। वह कहते हैं कि मणिपुर भवन में मणिपुर के लोग पहले भी नहीं रुकते थे। यहां पर आने वाले ज्यादातर लोग सरकारी कामकाज के सिलसिले में आते हैं।

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