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नाभा जेल से हर रोज पाकिस्तान बात करता था आतंकी हरमिंदर उर्फ मिंटू
पुरुषोत्तम वर्मा/ नई दिल्ली
Updated Tue, 29 Nov 2016 06:07 AM IST
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दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू ने कई सनसनीखेज खुलासा किया है। मिंटू के खुलासे से पाकिस्तान की देश को बांटने की कूटनीतिक चाल सामने आई है। ताजा खुलासे से देश की खुफिया व सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गई हैं। हरमिंदर सिंह ने पूछताछ में बताया है कि वह नाभा जेल से करीब-करीब हर रोज मोबाइल से पाकिस्तान बात करता था। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के भी संपर्क में था। नाभा जेल से भागकर वह खालिस्तान के लिए केएलएफ को फिर से खड़ा करना चाहता था। इसके लिए उसे पाकिस्तान से निर्देश मिल रहे थे। वह जल्द ही पाकिस्तान जाने वाला था।
पुलिस की विशेष शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरमिंदर ने पूछताछ में बताया है कि वह पाकिस्तान में बैठे केएलएफ के सदस्य हरमिंदर सिंफ उर्फ हैप्पी से बात करता था। हैप्पी इस समय पाकिस्तान के लाहौर में है। हैप्पी आईएसआई के लगातार संपर्क में है। हरमिंदर के खुलासे की ये सारी बातें दिल्ली पुलिस के डिसक्लोजर में लिखित रूप से आ गई हैं। अब नाभा जेल के अधिकारी सवालों के घेरे में हैं कि आखिर मिंटू जेल में मोबाइल फोन का प्रयोग कैसे कर रहा था।
हरमिंदर ने बताया कि दिल्ली व मुंबई होकर वह गोवा में अपने बड़े भाई के पास जाने वाला था, जो वहां बिल्डर है। भाई से वित्तीय सहायता लेकर वह नेपाल जाता। फिर वहां कुछ दिन ठहरने के बाद वह मलयेशिया के रास्ते जर्मनी भागने की फिराक में था। यहां से वह केएलएफ को फिर से खड़ा करता। मिंटू ने बताया है कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के बांग्लादेशी सदस्य ने उसे थाईलैंड में चार दिन की आतंकी ट्रेनिंग दी थी। इस ट्रेनिंग में उसे बम बनाना, हथियार चलाना और विस्फोटक के बारे में बताया गया था। आतंकी ने यह भी बताया कि वह केएलएफ को खड़ा करने के लिए पाकिस्तान भी जाने वाला था। वह पहले भी कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है।
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12 आतंकी वारदातों में शामिल रहा है हरमिंदर
49 वर्षीय केएलएफ आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू कम से कम 12 आतंकी वारदात को अंजाम दे चुका है। वर्ष 2008 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर हमला और 2010 में लुधियाना के पास हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के पास विस्फोटकों की बरामदगी के मामले में भी मिंटू शामिल था। पंजाब में शिवसेना के तीन नेताओं की हत्या की साजिश में भी वह वांछित था। पंजाब पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से थाइलैंड से आ रहे केएलएफ चीफ को नवंबर, 2014 में गिरफ्तार किया था।
पहले बब्बर खालसा का आतंकी था
केएलएफ का सदस्य बनने से पहले हरमिंदर आतंकी संगठन बब्बर खालसा का सदस्य था। उस समय उसका लीडर वाधवा सिंह था। वर्ष 2009 में बब्बर खालसा से अलग होकर केएलएफ का चीफ बन गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के समय वह नकली पासपोर्ट से मलेशिया से भारत आ रहा था। बताया जा रहा है कि मिंटू ने यूरोप ही नहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों कंबोडियो, लाओस, म्यांमार और थाडलैंड में बी अच्छा-खासा जाल फैला रखा है। वह थाइलैंड से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था।
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पुलिस की विशेष शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरमिंदर ने पूछताछ में बताया है कि वह पाकिस्तान में बैठे केएलएफ के सदस्य हरमिंदर सिंफ उर्फ हैप्पी से बात करता था। हैप्पी इस समय पाकिस्तान के लाहौर में है। हैप्पी आईएसआई के लगातार संपर्क में है। हरमिंदर के खुलासे की ये सारी बातें दिल्ली पुलिस के डिसक्लोजर में लिखित रूप से आ गई हैं। अब नाभा जेल के अधिकारी सवालों के घेरे में हैं कि आखिर मिंटू जेल में मोबाइल फोन का प्रयोग कैसे कर रहा था।
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हरमिंदर ने बताया कि दिल्ली व मुंबई होकर वह गोवा में अपने बड़े भाई के पास जाने वाला था, जो वहां बिल्डर है। भाई से वित्तीय सहायता लेकर वह नेपाल जाता। फिर वहां कुछ दिन ठहरने के बाद वह मलयेशिया के रास्ते जर्मनी भागने की फिराक में था। यहां से वह केएलएफ को फिर से खड़ा करता। मिंटू ने बताया है कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के बांग्लादेशी सदस्य ने उसे थाईलैंड में चार दिन की आतंकी ट्रेनिंग दी थी। इस ट्रेनिंग में उसे बम बनाना, हथियार चलाना और विस्फोटक के बारे में बताया गया था। आतंकी ने यह भी बताया कि वह केएलएफ को खड़ा करने के लिए पाकिस्तान भी जाने वाला था। वह पहले भी कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है।
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12 आतंकी वारदातों में शामिल रहा है हरमिंदर
49 वर्षीय केएलएफ आतंकी हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू कम से कम 12 आतंकी वारदात को अंजाम दे चुका है। वर्ष 2008 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर हमला और 2010 में लुधियाना के पास हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के पास विस्फोटकों की बरामदगी के मामले में भी मिंटू शामिल था। पंजाब में शिवसेना के तीन नेताओं की हत्या की साजिश में भी वह वांछित था। पंजाब पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से थाइलैंड से आ रहे केएलएफ चीफ को नवंबर, 2014 में गिरफ्तार किया था।
पहले बब्बर खालसा का आतंकी था
केएलएफ का सदस्य बनने से पहले हरमिंदर आतंकी संगठन बब्बर खालसा का सदस्य था। उस समय उसका लीडर वाधवा सिंह था। वर्ष 2009 में बब्बर खालसा से अलग होकर केएलएफ का चीफ बन गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के समय वह नकली पासपोर्ट से मलेशिया से भारत आ रहा था। बताया जा रहा है कि मिंटू ने यूरोप ही नहीं, दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों कंबोडियो, लाओस, म्यांमार और थाडलैंड में बी अच्छा-खासा जाल फैला रखा है। वह थाइलैंड से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था।
व्हाट्स एप पर पुलिस ने शेयर की थी मिंटू की फोटो
धीरज बेनीवाल/ नई दिल्ली
खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) का चीफ व बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) का पूर्व सदस्य हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू पटियाला की नाभा जेल से रविवार सुबह फरार हुआ था और दिल्ली पुलिस ने उसे रविवार देर रात हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी में व्हाट्स एप ने अहम भूमिका निभाई।
पंजाब पुलिस ने दिल्ली व यूपी पुलिस के साथ हरमिंदर व उसके साथियों की फोटो व्हाट्स एप पर शेयर की थी। इससे यूपी व दिल्ली पुलिस को परमिंदर सिंह उर्फ पिंडा व हरमिंदर सिंह की गिरफ्तारी में काफी मदद मिली। दिल्ली पुलिस ने हरमिंदर व उसके साथियों की फोटो व्हाट्स एप के जरिये विशेष शाखा व अन्य विशेष यूनिटों को भेज दी थी। यह फोटो स्टेशनों व बस अड्डों पर तैनात मुखबिरों को भी दी गई थी, जिससे कि दाढ़ी व बाल काटने के बाद भी उसकी पहचान की जा सके।
विशेष शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि हरमिंदर अपने साथियों के साथ एसयूवी से कैथल तक आया और उसके बाद बस से पानीपत आया। यहां से ट्रेन से दिल्ली पहुंचा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब हरमिंदर को पकड़ा गया तो वह मुंबई जाने वाली ट्रेन का टिकट खरीद चुका था।
खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट (केएलएफ) का चीफ व बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) का पूर्व सदस्य हरमिंदर सिंह उर्फ मिंटू पटियाला की नाभा जेल से रविवार सुबह फरार हुआ था और दिल्ली पुलिस ने उसे रविवार देर रात हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी में व्हाट्स एप ने अहम भूमिका निभाई।
पंजाब पुलिस ने दिल्ली व यूपी पुलिस के साथ हरमिंदर व उसके साथियों की फोटो व्हाट्स एप पर शेयर की थी। इससे यूपी व दिल्ली पुलिस को परमिंदर सिंह उर्फ पिंडा व हरमिंदर सिंह की गिरफ्तारी में काफी मदद मिली। दिल्ली पुलिस ने हरमिंदर व उसके साथियों की फोटो व्हाट्स एप के जरिये विशेष शाखा व अन्य विशेष यूनिटों को भेज दी थी। यह फोटो स्टेशनों व बस अड्डों पर तैनात मुखबिरों को भी दी गई थी, जिससे कि दाढ़ी व बाल काटने के बाद भी उसकी पहचान की जा सके।
विशेष शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि हरमिंदर अपने साथियों के साथ एसयूवी से कैथल तक आया और उसके बाद बस से पानीपत आया। यहां से ट्रेन से दिल्ली पहुंचा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब हरमिंदर को पकड़ा गया तो वह मुंबई जाने वाली ट्रेन का टिकट खरीद चुका था।