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Exclusive: केंद्रीय मंत्री कुलस्ते बोले- पिछले चुनाव में गलतियां हुईं; आदिवासी मुख्यमंत्री को लेकर कही यह बात

Sun, 29 Oct 2023 02:34 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Sun, 29 Oct 2023 02:34 PM IST
सार

Madhya Pradesh Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। पिछले चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला था। फिर ज्यातिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। इस बार भाजपा फिर से सत्ता में बरकरार रहने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते भी चुनावी मैदान में हैं। आइये पढ़ते हैं उनसे खास बातचीत...

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Exclusive Interview of Union Minister Faggan Singh Kulaste Ahead of Madhya Pradesh Assembly Election 2023
फग्गन सिंह कुलस्ते। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी में आदिवासियों के सबसे बड़े चेहरों में शामिल मोदी सरकार के मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते 33 साल बाद विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। छह बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा के सांसद कुलस्ते पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कैबिनेट में भी मंत्री का पद संभाल चुके हैं। सियासी गलियारों में कहा यही जा रहा है कि अगर मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की दोबारा सरकार बनती है और नेतृत्व परिवर्तन होता है तो पार्टी आदिवासियों के बड़े चेहरों में शामिल फग्गन सिंह कुलस्ते पर बड़ा दांव लगा सकती है। 

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फग्गन सिंह कुलस्ते भी मानते हैं कि अगर ऐसा कोई मौका मिलता है तो उनके समाज और जनता की अपेक्षा यही है कि वह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। हालांकि, इस तरीके के फैसलों में वह पार्टी का ही निर्णय सर्वमान्य मानते हैं। वह कहते हैं कि 2018 के चुनाव में कुछ गलतियां हो गई थी, जो इस बार नहीं होने वाली। अमर उजाला डॉट कॉम के आशीष तिवारी से हुई विशेष बातचीत के दौरान फग्गन सिंह कुलस्ते ने सियासी मुद्दों पर सभी सवालों के खुलकर जवाब दिए।
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सवाल: 33 साल बाद फग्गन सिंह कुलस्ते एक बार फिर विधानसभा चुनावी मैदान में हैं। सात बार के सांसद को सियासी मैदान में विधानसभा का चुनाव लड़ना बड़ी चुनौती तो नहीं लग रही है?
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- बिल्कुल नहीं। चुनाव चाहे विधानसभा का हो या लोकसभा का, वो चुनाव ही होता है। अब तो हमारे पास बताने के लिए और जनता के बीच जाने के लिए विकास का सबसे बड़ा मॉडल है। और हम इस मॉडल के साथ जनता के बीच में पहुंच रहे हैं।

सवाल: मध्य प्रदेश की जनता ने 2018 में इसी विकास के मॉडल को खारिज कर दिया था। तब परिणाम भी बदल गए थे?
- यह बात सच है कि 2018 के चुनाव में हमसे कुछ गलतियां हो गई थीं। लेकिन अब वह गलतियां सुधार ली गई हैं। हमने अपने समाज के लिए जो काम किया है उसको समूचे मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों से लेकर हर समुदाय तक में घर-घर तक पहुंचा है। पिछले चुनाव में तो कांग्रेस ने हमारे समुदाय के लोगों को झूठे वादों में फंसा कर उनको गुमराह किया था।

सवाल: कांग्रेस तो कह रही है उन्होंने आदिवासियों के लिए जो काम किए हैं उसकी बदौलत इस बार मध्य प्रदेश में वह सरकार बनाने जा रहे हैं। तो यह तो आपके लिए बड़ी चुनौती होगा।
- ऐसा बिल्कुल नहीं है। कांग्रेस ने आदिवासी समुदाय को कभी कुछ समझा ही नहीं। हमेशा बतौर वोट बैंक ही इस्तेमाल किया। हमारे आदिवासी नेताओं और महापुरुषों को कांग्रेस की सरकारों ने ही भुला दिया था। जब हमारी सरकारें आई तो हमने अपने समुदाय के युवाओं महिलाओं और बुजुर्गों के सम्मान के लिए हर लड़ाई लड़ी और उनको आगे बढ़ाने की योजनाओं पर काम किया। साथ ही अपने आदिवासी नेताओं के सम्मान को भी वापस लेकर आए।

सवाल:  कांग्रेस ने कड़ी सियासी फील्डिंग लगाई है। अभी कुछ दिन पहले तक उन्होंने विधानसभा के प्रत्याशियों के टिकट बदल दिए।
- इससे कुछ भी फर्क नहीं पड़ने वाला। मध्य प्रदेश की जनता और इस राज्य का आदिवासी समुदाय जानता है कि कांग्रेसियों ने उनके लिए शुरू की गई योजनाओं को बंद कर दिया था। अब यही आदिवासी समुदाय कांग्रेस से सवाल भी पूछ रहा है कि उनके लिए शुरू की गई योजनाएं क्यों बंद की गई। हमने तो अभी कन्या विवाह कार्यक्रम के लिए पचपन हजार रुपए देने शुरू किए।

सवाल: तो आदिवासियों के लिए किए गए काम और विकास के नए मॉडल के साथ ही सियासी मैदान में आप सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं।
- बिल्कुल। हम उसी विकास के मॉडल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही विधानसभा के सियासी मैदान में है। आप नतीजे देखिएगा। हम लोग इस बार डेढ़ सौ से ज्यादा सीटें जीतने वाले हैं।

सवाल: आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के  चेहरे और नेतृत्व की बात की। मध्य प्रदेश में तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी चेहरा है। सियासी रथ तो इस चेहरे पर भी आगे बढ़ रहा होगा। 
- अब देखिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है यह सबको पता है। और बाकी यह बात ठीक है कि शिवराज सिंह चौहान हमारे वर्तमान चीफ मिनिस्टर हैं, तो वो भी हैं।और बाकी हम सब लोग भी तो।सियासी मैदान में हैं। 

सवाल: कहा यही जा रहा है कि इस चुनाव के बाद अगर भाजपा सरकार बनती है और नेतृत्व परिवर्तन होता है तो आदिवासियों के बड़े चेहरे के तौर पर फग्गन सिंह कुलस्ते मुख्यमंत्री का चेहरा भी हो सकते हैं। आप खुद को कहां पाते हैं।

- अब देखिए... जनता और समाज की अपेक्षा तो है ही यह। जब अवसर मिलता है तो उनका समाज यही चाहता है कि उनके समाज की बेहतरी के लिए कुछ और अच्छा हो। लोग यही चाहते हैं कि अगर अगर कोई ऐसा अवसर आता है, तो जो भी होगा अच्छा ही होगा। बाकी फैसला पार्टी ही लेगी।

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