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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Exclusive: Big split in terrorist organizations of Kashmir! why they are attacking each other

Exclusive: कश्मीर के आतंकी संगठनों में बड़ी फूट! अब शुरू हुआ आपस में एक दूसरे की हत्या करने का खेल

Thu, 06 Jul 2023 02:44 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Thu, 06 Jul 2023 02:44 PM IST
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सार
रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकी संगठनों की ओर से एक दूसरे आतंकियों की हत्याओं का मामला सामने आया है। इससे आतंकी संगठनों पर नकेल कसने में अब रक्षा एजेंसियों को और मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है। सेना से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि घाटी में ऐसे हालात सख्त सुरक्षा इंतजामों और आतंकी संगठनों पर कसी जा रही नकेल के चलते पैदा हुए हैं...
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Exclusive: Big split in terrorist organizations of Kashmir! why they are attacking each other
Jammu Kashmir - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

कश्मीर घाटी में आतंक को फैलाने के लिए दहशतगर्दों के आतंकी संगठनों में अब आपस में बड़ी फूट पड़ गई है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों में आपसी झगड़े का आलम यह हो गया है कि कई आतंकी संगठनों के आतंकवादी एक दूसरे की ही हत्याएं कर रहे हैं। घाटी में पैदा हुए ऐसे हालातों के पीछे पाकिस्तान को सेना की ओर से तैयार किए गए आतंकी संगठन कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (केएफएफ) को मिला समर्थन है। रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकी संगठनों की ओर से एक दूसरे आतंकियों की हत्याओं का मामला सामने आया है। इससे आतंकी संगठनों पर नकेल कसने में अब रक्षा एजेंसियों को और मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है। सेना से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि घाटी में ऐसे हालात सख्त सुरक्षा इंतजामों और आतंकी संगठनों पर कसी जा रही नकेल के चलते पैदा हुए हैं।

यह भी पढ़ें: ISIS terrorists: रोबोट से आतंकी हमलों की साजिश, आईएसआईएस कर रहा मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियर की भर्ती

घाटी में इन आतंकी समूहों की आपस में ठनी

घाटी में दहशत फैलाने के लिए पाकिस्तान समर्थित कई आतंकी संगठनों को पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की ओर से सभी जरूरतें पूरी की जाती हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों में घाटी के आतंकी संगठनों के बीच में ही बड़ी लड़ाइयां शुरू हो गई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक घाटी के आतंकी संगठनों में भी अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स ने पीपुल्स एंड फासिस्ट फ्रंट समेत अल बदर मिलिटेंट ग्रुप और टीआरएफ जैसे आतंकी संगठनों को ही अंदर-अंदर नीचा दिखाने की तैयारी शुरू कर दी। घाटी में आतंकी समूह पर नजर रखने वाली खुफिया एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक जून के दूसरे सप्ताह में कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स आतंकी संगठन ने अल बदर मिलिटेंट ग्रुप के आमिर अहमद को श्रीनगर के सारा इलाके में मार दिया। अल बदर मिलिटेंट ग्रुप का आमिर अहमद घाटी में बीते कुछ समय से दहशतगर्दी फैलाने के लिए कई वारदातें भी कर चुका था। सूत्रों का कहना है कि अल बदर मिलिटेंट ग्रुप के अलावा कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स ने घाटी में दहशत फैला रहे पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट के आतंकियों की शोपियां में बड़ी मुठभेड़ हुई थी। हालांकि अल बदर मिलिटेंट ग्रुप में भी कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स आतंकी संगठन के एक आतंकी को भी बाद में बदला लेते हुए मार गिराया।

बड़ा आतंकी संगठन साबित करना चाह रहा था केएफएफ

सूत्रों के मुताबिक कश्मीर घाटी में पहले से मौजूद टीआरएफ पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सबसे बड़े सहयोगी आतंकी समूह के तौर पर काम कर रहा था। इसी बीच कश्मीर के ही इस्लामी चरमपंथियों की ओर से तैयार किए गए कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स को भी पाकिस्तानी सेना ने न सिर्फ समर्थन करना शुरू किया, बल्कि उनको हथियारों से लेकर पैसों की भी जरूरतें पूरी करनी शुरू कर दीं। रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स के आतंकी खुद को घाटी में सबसे ज्यादा सक्रिय दिखाने के लिए जगह-जगह पोस्टर लगाने लगे और कई वारदातों में जिम्मेदारियां भी लेने लगे। सूत्रों का कहना है कि कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स के आतंकियों के समूह में घाटी के अन्य दूसरे प्रमुख आतंकी समूहों की तुलना में दहशतगर्दों की संख्या कम है। खुद को बड़ा आतंकी संगठन दिखाने के लिए केएफएफ ने न सिर्फ बड़ी वारदातों की जिम्मेदारियां लेनी शुरू कीं, बल्कि बड़ी वारदातें भी करना शुरू कर दिया। इसके अलावा अन्य आतंकी संगठनों के लोगों को निशाने पर लेना शुरू किया। ताकि दूसरे आतंकी संगठनों में भी दहशत बढ़े।

बड़ी खतरनाक योजना है केएफएफ की घाटी में

खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स संगठन घाटी में रह रहे अलगाववादी संगठनों और इस्लामी चरमपंथियों का आतंकी समूह है। इस संगठन के आतंकियों का लक्ष्य भारत से कश्मीर को अलग करके "इस्लामिक स्टेट ऑफ कश्मीर" बनाने का है। इसी के चलते ही आतंकी संगठन न सिर्फ बड़ी वारदातें कर रहे हैं, बल्कि घाटी में टारगेटेड कश्मीरी पंडितों की हत्या, हिंदुओं की हत्या और पर्यटकों को निशाने पर ले रहे हैं। रक्षा मामलों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स का द रजिस्टेंस फ्रंट और जैश-ए-मोहम्मद का आपस में गठजोड़ है। अपने मंसूबों को कामयाब करने के लिए यह सभी आतंकी संगठन एक दूसरे को आगे करके अपनी पहचान छुपाने की कोशिश भी करते आए हैं।

भारत के सख्त रवैये से दम निकल रहा है आतंकी संगठनों का

खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दरअसल पाकिस्तान की सेना और आईएसआई ने जिन आतंकी संगठनों को घाटी में दहशत फैलाने की जिम्मेदारी दी थी, वह अब सख्त सुरक्षा इंतजामों और लगातार चल रही आतंकी कार्रवाइयों के चलते न सिर्फ दुबक गए थे बल्कि पाकिस्तान के मंसूबों को कामयाब करने में भी फेल हो रहे हैं। रक्षा मामलों से जुड़े विशेषज्ञ और घाटी में तैनात रहे ब्रिगेडियर हरदीप जुनेजा कहते हैं कि बीते कुछ समय में जिस तरीके से सेना ने घाटी में आतंकियों को खत्म करने के लिए बड़े ऑपरेशन चलाएं हैं उससे आतंकियों में दहशत तो जबरदस्त है। जुनेजा कहते हैं कि इस दौरान घाटी के कई बड़े आतंकी संगठनों से ताल्लुक रखने वाले लोग या तो अंडर ग्राउंड हो गए हैं। या फिर उन लोगों ने आतंकवाद को बढ़ावा देने की अपनी कारस्तानियों को छोड़ दिया है। ऐसे में जो आतंकी संगठन बचे हैं, उनको भी कुचलने के लिए सेना और सुरक्षा एजेंसिया लगातार अपने बड़े अभियान चला रही हैं।

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