फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ex-TMC MPs Sukhendu Sekhar Roy, Sushmita Dev, Prakash Chik Baraik elected to RS as BJP nominees

Politics: टीएमसी छोड़ भाजपा में आए तीन नेता फिर पहुंचे राज्यसभा; ममता बनर्जी के लिए कितना बड़ा झटका?

Fri, 17 Jul 2026 08:42 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 17 Jul 2026 08:42 PM IST
सार

टीएमसी छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। तीनों ने पार्टी बदलने के कुछ ही दिनों बाद भाजपा के टिकट पर दोबारा राज्यसभा में जगह बना ली, जिसे टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पढ़िए रिपोर्ट-

विज्ञापन
Ex-TMC MPs Sukhendu Sekhar Roy, Sushmita Dev, Prakash Chik Baraik elected to RS as BJP nominees
सुखेन्दु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई/वीडियो ग्रैब

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक को शुक्रवार को पश्चिम बंगाल से भाजपा उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया। यह चुनाव दल बदलने के कुछ दिनों बाद तेजी से हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हुआ है।
विज्ञापन


निर्विरोध कैसे चुने गए?
शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की समय सीमा खत्म होने के बाद तीनों नेताओं को निर्वाचित घोषित किया गया। 15 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच के बाद मैदान में कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं बचा था। निर्वाचन अधिकारी ने औपचारिक रूप से निर्विरोध चुने जाने की घोषणा के बाद तीनों नए राज्यसभा सदस्यों को चुनाव प्रमाण पत्र सौंपे।
विज्ञापन


भाजपा में कब शामिल हुए थे?
रॉय, देव और चिक बराइक ने 9 जुलाई को कोलकाता में भाजपा की सदस्यता ली थी। इसके कुछ घंटे बाद ही भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने उन्हें 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। इन उपचुनावों की जरूरत तब पड़ी, जब तीनों नेताओं ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद राज्यसभा और टीएमसी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। इससे उच्च सदन की तीन सीटें खाली हो गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीएमसी के लिए कितना बड़ा झटका?
इन तीनों का चुनाव ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के लिए एक और झटका माना जा रहा है। पार्टी छोड़ने के कुछ ही हफ्तों बाद तीनों नेता भाजपा के टिकट पर फिर से राज्यसभा पहुंच गए हैं।
 
भाजपा के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
टीएमसी के तीन पूर्व सांसदों को शामिल करना विधानसभा चुनाव में जीत और पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने के बाद पार्टी की ओर से तृणमूल नेताओं को शामिल करने का पहला बड़ा कदम भी है। इससे संकेत मिलता है कि चुनाव के बाद टीएमसी नेताओं को शामिल करने में भाजपा की जो हिचक थी, वह उन नेताओं के मामले में लागू नहीं होगी, जिन्हें पार्टी राजनीतिक रूप से मजबूत मानती है और जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं हैं।

सुखेंदु शेखर रॉय क्यों चर्चा में रहे?
सुखेंदु शेखर रॉय वर्ष 2012 से राज्यसभा में टीएमसी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्हें पार्टी के प्रमुख कानूनी और संसदीय रणनीतिकारों में से एक माना जाता था। आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले के बाद पार्टी नेतृत्व से उनके मतभेद सामने आए। उन्होंने अपनी ही पार्टी से जवाबदेही की मांग की थी, जिसके बाद टीएमसी के अंदर से उनकी आलोचना हुई। सूत्रों के मुताबिक, बाद में उन्होंने परिवार की सुरक्षा को खतरा बताते हुए सोशल मीडिया पर की गई कुछ पोस्ट हटा दी थीं। हालांकि, इस पूरे मामले से पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी दूरी और बढ़ गई।

ये भी पढ़ें: TMC में नहीं थम रहा टूट का सिलसिला: पूर्व विधायकों ने बागी गुट से की मुलाकात, नेतृत्व पर लगाया अनदेखी का आरोप


सुष्मिता देव का राजनीतिक सफर कैसा रहा?
सुष्मिता देव असम से कांग्रेस की पूर्व लोकसभा सांसद और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं। वह वर्ष 2021 में टीएमसी में शामिल हुई थीं। भाजपा में शामिल होने से पहले उन्होंने कथित भ्रष्टाचार को लेकर तृणमूल नेतृत्व की आलोचना भी की थी।

प्रकाश चिक बराइक भी टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे। उन्होंने भी पिछले महीने उच्च सदन और पार्टी दोनों से इस्तीफा दिया और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed