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BRS: ओडिशा के पूर्व CM गिरिधर गमांग बीआरएस में शामिल; KCR बोले- नेता जीत रहे, लेकिन जनता हार रही चुनाव

Fri, 27 Jan 2023 11:04 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 27 Jan 2023 11:04 PM IST
सार

के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि बीआरएस पार्टी का गठन भारत के भविष्य और इसके दर्शन को बदलने के लिए किया गया है और इस प्रयास में ओडिशा के कई नेता आए और शामिल हुए।

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Ex Odisha CM joins BRS Leaders winning but people losing in polls says KCR
गिरिधर गमांग ने थामा बीआरएस का दामन - फोटो : ट्विटर/बीआरएस पार्टी

विस्तार

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग और कई अन्य नेता शुक्रवार को के चंद्रशेखर राव (केसीआर) की मौजूदगी में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में शामिल हुए। बीआरएस प्रमुख ने गुलाबी दुपट्टा पहनाकर उनका औपचारिक रूप से स्वागत किया। गमांग और उनके बेटे शिशिर ने बुधवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।  

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इस अवसर पर राव ने कहा कि बीआरएस पार्टी का गठन भारत के भविष्य और इसके दर्शन को बदलने के लिए किया गया है और इस प्रयास में ओडिशा के कई नेता आए और शामिल हुए। केसीआर के अनुसार, सरकारों और नेताओं में बदलाव के बावजूद लोगों का भाग्य वही रहा क्योंकि राजनीतिक दलों ने हमेशा चुनाव जीतने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें लोग हार रहे हैं।  
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उन्होंने कहा, 'कितनी सरकारें और नेता बदल गए, लेकिन किसानों और गरीबों की किस्मत नहीं बदली। ऐसा क्यों है? इस पर हमें विचार करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब चुनाव होते हैं तो पार्टियां जीत रही हैं लेकिन लोग हार रहे हैं। भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में गंभीर बदलाव की जरूरत है, जहां नेता नहीं बल्कि लोग जीतें।  
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा, देश आजादी के 75वां साल मना रहा है, लेकिन विकास की कहानी अन्य देशों से अलग है।  प्रचुर मात्रा में संसाधन होने के बावजूद चीन और अमेरिका की तुलना में भारत के युवा अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए अन्य देशों में जाना पसंद करते हैं। लोगों को इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है।  

केंद्र के विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को याद करते हुए राव ने कहा कि शासकों ने देश के गरीब लोगों और किसानों का मजाक उड़ाया। इसलिए मैंने अब की बार किसान की सरकार का आह्वान किया है। कई नेता विधायक और सांसद बने हैं, लेकिन इस बार (27 के आम चुनावों में) किसानों को केवल विधायक और सांसद बनना चाहिए।  बीआरएस, भारतीय राजनीति में बदलाव लाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि चुनावों में लोग जीतें।  

आंकड़ों का हवाला देते हुए बीआरएस प्रमुख ने कहा कि देश में बिजली की स्थापित क्षमता 2023 लाख मेगावाट है, जबकि इसने कभी भी 8 लाख मेगावाट से अधिक उत्पादन नहीं किया। विनिवेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राव ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का नुकसान लोगों पर है जबकि मुनाफा कमाने वाली कंपनियों का निजीकरण किया जा रहा है।


उन्होंने कहा, नुकसान का समाजीकरण और संपत्तियों का निजीकरण। इस देश में आजकल यही हो रहा है, हमें इस दुष्चक्र के लिए देश को बचाना चाहिए। यही कारण है कि बीआरएस को बनाया गया।  राव ने दोहराया कि बीआरएस का उद्देश्य देश भर के किसानों को मुफ्त बिजली प्रदान करना है। केंद्र में बीआरएस सरकार बनने के दो साल बाद देश के कोने-कोने में बिजली उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार की कुछ प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं जैसे 'दलित बंधु' देश भर में लागू की जाएंगी।

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